जयपुर। एसआई भर्ती 2021 की नियुक्तियों को रद्द करने की आशंका के बीच शनिवार को आदर्श नगर के दशहरा मैदान में चयनित अभ्यर्थियों के परिजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी परिजनों ने राजस्थान सरकार से अपील की कि मेहनत से पढ़ाई कर नौकरी पाने वाले युवाओं के साथ अन्याय न हो।
धरने का नेतृत्व कर रहे देवाराम ने बताया कि कुछ राजनीतिक लोग निजी फायदे के लिए इस भर्ती को रद्द करवाने का दबाव बना रहे हैं, जबकि जांच पहले से एसओजी के स्तर पर चल रही है। देवाराम ने कहा कि अब तक 50 ऐसे अभ्यर्थी चिन्हित किए जा चुके हैं जो दोषी पाए गए और उन्हें बाहर कर दिया गया है, लेकिन सभी चयनितों को एक ही नजर से देखना गलत है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
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पूरी भर्ती को रद्द न किया जाए।
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दोषियों की छंटनी कर बाकी को नियुक्त किया जाए।
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जांच निष्पक्ष और तेज़ी से पूरी की जाए।
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जो अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में हैं, उन्हें प्रारंभिक जांच के बाद नियुक्ति दी जाए।
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नई एसआई भर्ती जल्द निकाली जाए।
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2021 में परीक्षा देने वालों को उम्र सीमा में छूट दी जाए।
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नकल और पेपर लीक कराने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
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पेपर लीक माफिया से राज्य को पूरी तरह मुक्त किया जाए।
दूधमुंहे बच्चे के साथ प्रदर्शन में शामिल हुई महिला
धरना स्थल पर हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हुए। कोई भाई के लिए आया, कोई बेटे के लिए, तो कोई पति को न्याय दिलाने के लिए। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें अदिति परमार भी थीं, जो अपने दो माह के बच्चे और तीन साल के बड़े बेटे के साथ पहुंचीं। अदिति ने बताया कि उनके पति नीरज परमार चयनित हुए हैं और वे उनके लिए न्याय मांगने आई हैं।
जब परिजनों ने मंच से अपनी परेशानी और संघर्ष की कहानी साझा की, तो कई लोगों की आंखें भर आईं।
सरकार
से सीधी मांग
धरने में शामिल लोगों ने साफ कहा कि वे कोई गलत मांग नहीं कर रहे। दोषियों को सजा मिले, लेकिन जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की है, उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी उम्मीद कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनके मंत्री मंडल इस मामले में जल्द और न्यायसंगत निर्णय लेंगे।








