स्वच्छता व्यवस्था बेपटरी! CSI, SI और सुपरवाइजर की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, सड़कों और नालियों में गंदगी का अंबार
जबलपुर। नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार शहर को स्वच्छता के उच्च मानकों तक पहुंचाने के लिए लगातार मैदानी निरीक्षण कर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी श्री अभिनव मिश्रा भी स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। इसके बावजूद जोन क्रमांक-1 के कई क्षेत्रों की स्थिति यह बताने के लिए पर्याप्त है कि शीर्ष अधिकारियों के निर्देशों का पालन धरातल पर पूरी गंभीरता से नहीं हो रहा।
जोन के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के किनारे जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। चौड़ी सड़कें कचरा डंपिंग स्थल का रूप ले चुकी हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो इन क्षेत्रों में कई दिनों नहीं, बल्कि वर्षों से प्रभावी स्वच्छता अभियान नहीं चला हो।
नालियाँ गंदगी से बजबजा रही हैं, सड़ता हुआ कचरा पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैला रहा है और वर्षा ऋतु में यह स्थिति मच्छरों तथा संक्रामक बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह-शाम इस मार्ग से गुजरना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर अब तक इस ओर नहीं पड़ी।
सबसे बड़ा प्रश्न जोन क्रमांक-1 के CSI, SI एवं संबंधित सुपरवाइजर की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। जब शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम का शीर्ष नेतृत्व लगातार प्रयासरत है, तब जोन स्तर पर ऐसी लापरवाही आखिर क्यों? क्या नियमित निरीक्षण केवल कागजों में हो रहे हैं? यदि मैदान में निरीक्षण हो रहे होते, तो प्रमुख मार्गों पर कचरे के इतने बड़े ढेर कभी दिखाई नहीं देते।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था का वास्तविक मूल्यांकन धरातल पर नहीं, बल्कि फाइलों में अधिक दिखाई देता है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो स्वच्छता अभियान के दावे केवल नारों और बैठकों तक सीमित रह जाएंगे।
नागरिकों ने नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार से मांग की है कि जोन क्रमांक-1 के CSI, SI, सुपरवाइजर एवं संबंधित स्वच्छता अमले की जवाबदेही तय की जाए, नियमित मैदानी निरीक्षण सुनिश्चित किए जाएं तथा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों से कचरे का तत्काल निष्पादन कराया जाए।









