जयपुर: आध्यात्मिक चेतना और आत्मिक जागरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ओम मंडली शिवशक्ति अवतार सेवा संस्थान, रायपुर की ओर से 24 और 25 मई को एक विशेष शिव सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रताप नगर के सेक्टर 11 में स्थित सामुदायिक केंद्र में दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। दो दिन चलने वाले इस सत्संग में देशभर से सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों ने इसे आत्मा और परमात्मा के मिलन का उत्सव बताया है।
शोभायात्रा से
होगी शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ 24 मई को दोपहर बाद शिव भोलेनाथ की भव्य शोभायात्रा और तिरंगा यात्रा से होगा। यह यात्रा प्रताप नगर क्षेत्र की प्रमुख सड़कों से होते हुए सामुदायिक केंद्र तक पहुंचेगी। आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक एकता और राष्ट्र प्रेम के संदेश से जोड़ना है। यात्रा में देशभर से आए ओम मंडली के अनुयायी पारंपरिक वस्त्रों और झांकियों के साथ भाग लेंगे।
देवकी मैया होंगी मुख्य वक्ता
सत्संग की मुख्य वक्ता देवकी मैया होंगी, जो ओम मंडली की अध्यक्षा हैं। वे भारत समेत दुनिया के कई देशों में प्रवचन दे चुकी हैं और लाखों लोगों को आत्मिक अनुभव करवा चुकी हैं। उनके अनुयायियों का मानना है कि उनके प्रवचनों से सुनने वालों को न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि जीवन की दिशा भी बदलती है।
कार्यक्रम के दौरान वे शिव की दिव्य वाणी का उच्चारण करेंगी, जिसे सुनने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुटते हैं। यह वाणी ओम मंडली की विशेष पहचान है और इसका उद्देश्य आत्मा की गहराई तक पहुँच बनाना है।
ऑपरेशन सिंदूर के लिए ओम मंत्र जाप
25 मई को सत्संग के दू
सरे दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए सामूहिक ओम मंत्र जाप किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह जाप न केवल मानसिक और आत्मिक बल प्रदान करता है, बल्कि राष्ट्र की रक्षा और सैनिकों के मनोबल के लिए भी एक आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनता है। इसके बाद सभी श्रद्धालु मिलकर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन करेंगे, जिससे राष्ट्र भक्ति और आध्यात्मिकता का समन्वय देखने को मिलेगा।
स्वर्णिम युग की आहट
ओम मंडली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वारका प्रसाद का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मिक परिवर्तन का पर्व है। उन्होंने कहा, “हमारे देश और समाज में जब-जब अध्यात्म की धारा तेज होती है, तब-तब परिवर्तन की लहर आती है। यह सत्संग उसी स्वर्णिम युग की दस्तक है, जिसका हम सभी को लंबे समय से इंतजार है।”
उन्होंने बताया कि सत्संग का आयोजन पूरी तरह नि:शुल्क है और इसमें किसी भी धर्म, जाति या वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं। संस्था का उद्देश्य केवल एक ही है — आत्मा को परमात्मा से जोड़ना और जीवन में शांति व संतुलन लाना।
युवाओं और महिलाओं की विशेष भागीदारी
इस सत्संग में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिलेगी। ओम मंडली के कार्यकर्ताओं ने पिछले कई हफ्तों से शहर में जनसंपर्क कर लोगों को आमंत्रित किया है। स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों में जाकर विशेष निमंत्रण दिए गए हैं ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सके।
देवकी मैया के प्रवचनों में विशेष रूप से जीवनशैली, रिश्तों में संतुलन, तनाव मुक्ति और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर बात की जाती है, जिससे युवा वर्ग और महिलाएं काफी प्रभावित होती हैं।
कार्यक्रम स्थल और अन्य जानकारी
सत्संग का आयोजन जयपुर के प्रताप नगर स्थित सेक्टर 11 के सामुदायिक केंद्र में होगा। स्थान पर बैठने और वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा सेवा और जलपान की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
संस्थान की ओर से अपील की गई है कि श्रद्धालु समय पर पहुंचे और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखें। आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की सदस्यता या चंदा की कोई अनिवार्यता नहीं है। केवल आध्यात्मिक जिज्ञासा रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस आयोजन में शामिल हो सकता है।
जयपुर में आयोजित हो रहा यह सत्संग केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का एक अहम पड़ाव है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां तनाव और अवसाद ने लोगों को घेर रखा है, वहीं ऐसे आयोजन एक नई ऊर्जा और दिशा देने का काम करते हैं। ओम मंडली का यह प्रयास समाज को शांति, प्रेम और एकता की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। जो लोग अध्यात्म की गहराई को समझना चाहते हैं, उनके लिए यह दो दिन किसी वरदान से कम नहीं होंगे। आयोजकों ने शहरवासियों से इस आयोजन में शामिल होकर लाभ उठाने की अपील की है।










