सिवनी में ‘सांप घोटाला’: 279 जिंदा लोगों को मृत दिखाकर ₹11 करोड़ की राहत राशि हड़पी
**सिवनी (मध्य प्रदेश), 22 मई 2025:** मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी तहसील में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी ने 279 जीवित लोगों को कागजों में मृत घोषित कर ₹11.16 करोड़ की आपदा राहत राशि का गबन किया।
घोटाले का खुलासा
तहसील कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी सचिन दहायत ने प्राकृतिक आपदाओं—जैसे सांप काटने, बिजली गिरने और डूबने—से हुई मौतों के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राहत राशि के लिए आवेदन किए गए और राशि 59 अनधिकृत बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में पाया गया कि एक ही व्यक्ति के खाते में कई बार भुगतान किया गया, जैसे रमेश नामक व्यक्ति के खाते में 30 बार में ₹1.20 करोड़ और द्वारकाबाई के खाते में 29 बार में ₹1.16 करोड़ ट्रांसफर किए गए।
जांच और कार्रवाई
महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सिवनी जिले में 291 फर्जी आदेशों के माध्यम से ₹11.79 करोड़ के घोटाले की पुष्टि हुई है। इस घोटाले में तत्कालीन एसडीएम अमित सिंह और पांच तहसीलदारों सहित कुल 46 लोगों के नाम सामने आए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सके।
निष्कर्ष
यह मामला सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और निगरानी की कमी को उजागर करता है। प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सके।










