*सीएम बोले- 4 दिन में पाकिस्तान को धूल चटाई:जबलपुर में कहा- पलक झपकने का ही मौका नहीं दिया, सबसे तेज गति से किया आक्रमण*
(मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने स्कूल का भूमिपूजन किया)
*जबलपुर* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- हमारा स्वाभिमान और गौरवशाली अतीत क्या होता है, यह पाकिस्तान को चार दिन के अंदर धूल चटाकर बताया है। सेना का पराक्रम दुनिया ने देखा है।
हमने बताया कि देश के दुश्मनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। पलक झपकने का ही मौका नहीं दिया। पाकिस्तान पर आज तक जितने भी आक्रमण हुए हैं, उनमें सर्वाधिक तेज गति और सर्वाधिक मारने वाला आक्रमण भारत ने अब किया है। आज मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री ने जबलपुर की बरगी हिल्स स्थित सांदीपनि विद्यालय के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इंद्र के दरबार को भेड़ाघाट की सुंदरता चुनौती देती है। अतीत का गौरवशाली पक्ष भी जबलपुर से जुड़ता है। हमारी कैबिनेट पहली बार जबलपुर में रानी दुर्गावती के क्षेत्र में हुई थी। वह कैबिनेट नहीं थी, विकास का संकल्प था।
मुख्यमंत्री ने कहा- मैं कहना चाहूंगा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस वो व्यक्ति थे जिन्होंने आजाद हिंद फौज बनाकर अंग्रेजों को घुटनों के बल लाए थे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा है कि जो मांगों वो मिलेगा। बस आप अपनी क्षमताओं से खुद को साबित करो।
*शिक्षा के साथ ही संस्कारों का बीजारोपण भी जरूरी..मंत्री राकेश सिंह*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लंबे समय से स्कूल के भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रतीक्षा में था। आज वह काम मुख्यमंत्री के हाथों हुआ है। आज देश और दुनिया में मध्यप्रदेश के वे सभी स्थान जो अभी तक अनजान थे, वे मुख्यमंत्री के प्रयासों से दुनिया में जाने जा रहे हैं। शिक्षा के साथ ही संस्कारों का बीजारोपण भी होना चाहिए।
*सांसद आशीष दुबे ने कहा-*
12 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह विद्यालय सर्वसुविधा युक्त होगा। इसमें 2 हजार विद्यार्थी अध्ययन करेंगे। मैं मानता हूं कि मध्यप्रदेश के साथ साथ जबलपुर भी विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर है।
*महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा-*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर में लगातार आगमन हो रहा है। इसी क्रम में विकास का पहिया बढ़ रहा है। भूमिपूजन करने के बाद पाटन बाइपास स्थित अपोलो हॉस्पिटल में राधाकृष्ण की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी शामिल होंगे।












