शिक्षा और सशक्तिकरण का अनूठा प्रयास: ICFAI यूनिवर्सिटी द्वारा करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन!
जयपुर, शिक्षा किसी भी समाज का आधार होती है, और यदि यह शिक्षा सही दिशा में दी जाए तो यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर और समाज को प्रगतिशील बनाने में सहायक बनती है। इसी उद्देश्य के साथ *इक्फ़ाई यूनिवर्सिटी, जयपुर के उन्नत भारत अभियान (यूबीए) सेल द्वारा शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कनोता, जयपुर में एक विशेष करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस और राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा और करियर के प्रति जागरूक करना और उनके जीवन को एक नई दिशा प्रदान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत: जागृति की एक नई किरण
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्रों, शिक्षकों और यूबीए सेल के सदस्यों का उत्साह देखते ही बनता था। जैसे ही दीप प्रज्वलित हुआ, पूरे विद्यालय परिसर में उम्मीद और प्रेरणा की रोशनी फैल गई।
इस आयोजन की अगुवाई इक्फ़ाई लॉ स्कूल की एसोसिएट डीन डॉ. प्रतीमा सोनी ने की। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में छात्रों को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया। डॉ. सोनी ने कहा, “शिक्षा वह प्रकाश है, जो हर अंधकार को दूर कर सकती है। यदि आप अपने जीवन में बड़े सपने देख रहे हैं, तो शिक्षा ही वह माध्यम है, जो आपको उन सपनों तक पहुंचाएगी।”
छात्रों से संवाद: सपनों को आकार देने का प्रयास
सत्र के दौरान, यूबीए सेल के सदस्यों ने छात्रों से गहन संवाद किया। उन्होंने उनसे उनके सपनों, प्रेरणास्रोत और करियर से जुड़ी उनकी आकांक्षाओं के बारे में बातचीत की। यह एक ऐसा अनुभव था, जिसने न केवल छात्रों को अपने भीतर छुपे सपनों को पहचानने का अवसर दिया, बल्कि यह भी महसूस कराया कि उनके सपने भी सच हो सकते हैं।
छात्रों को उनके अधिकारों और विशेष रूप से लड़कियों को शिक्षा और समानता के अधिकार के बारे में जागरूक किया गया। कई छात्राओं ने डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक और समाजसेवक बनने की अपनी इच्छाएँ व्यक्त कीं। एक छात्रा ने भावुक होकर कहा, “आज मैंने जाना कि शिक्षा के माध्यम से मैं अपनी हर इच्छा पूरी कर सकती हूँ। अब मैं अपने सपनों को सच करने के लिए और मेहनत करूंगी।”
बालिकाओं के लिए विशेष पहल: सशक्तिकरण की ओर एक कदम
कार्यक्रम में विशेष रूप से *राष्ट्रीय बालिका दिवस* के महत्व को रेखांकित किया गया। लड़कियों को यह समझाया गया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी भूमिका को भी सशक्त बनाती है।
डॉ. प्रतीमा सोनी ने कहा, “जब एक लड़की शिक्षित होती है, तो न केवल उसका जीवन बदलता है, बल्कि उसका परिवार और पूरा समाज भी उससे लाभान्वित होता है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसे उन्हें किसी भी परिस्थिति में छीनने नहीं देना चाहिए।”
करियर के लिए प्रेरणा और आत्मनिर्भरता के संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह भी समझाया गया कि करियर केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह उनके सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया भी है। यूबीए टीम ने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि अगर वे शिक्षा के प्रति समर्पित रहें और सही मार्गदर्शन लें, तो वे अपनी हर मंजिल को हासिल कर सकते हैं।
एक छात्र ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मैंने आज यह महसूस किया कि अगर मेरे सपने बड़े हैं, तो मेरी मेहनत और संकल्प भी उतने ही बड़े होने चाहिए। आज का यह सत्र मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।”
माननीय कुलपति और डीन का प्रोत्साहन
इक्फ़ाई यूनिवर्सिटी, जयपुर के माननीय कुलपति *प्रोफेसर डॉ. एच. पी. सिंह (वीएसएम)* ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के आयोजन न केवल छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उन्हें यह विश्वास दिलाते हैं कि वे अपने जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं।”
इसी क्रम में *इक्फ़ाई लॉ स्कूल के डीन, डॉ. हरीश कुमार वर्मा* ने भी टीम को ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में इसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज को प्रगति की ओर ले जाया जा सकता है।
समाज और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
इस कार्यक्रम ने छात्रों को यह भी सिखाया कि शिक्षा केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी होनी चाहिए। यूबीए टीम ने सामूहिक प्रयास, नेतृत्व कौशल और टीम वर्क के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
यह आयोजन इस बात का उदाहरण था कि सही मार्गदर्शन से न केवल छात्रों का भविष्य उज्जवल हो सकता है, बल्कि इससे समाज को भी सकारात्मक दिशा में ले जाया जा सकता है।
भविष्य की ओर एक नई पहल
इस आयोजन ने न केवल छात्रों को प्रेरित किया, बल्कि उनके जीवन में शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न की। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इक्फ़ाई यूनिवर्सिटी का धन्यवाद करते हुए कहा, “यह सत्र हमारे बच्चों के लिए एक नई शुरुआत की तरह है। इससे उन्हें यह विश्वास मिला है कि उनके सपने भी पूरे हो सकते हैं, बशर्ते वे सही दिशा में मेहनत करें।”
शिक्षा से बदलती तस्वीर
इक्फ़ाई यूनिवर्सिटी, जयपुर का यह प्रयास शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को उनके भविष्य के लिए प्रेरित करने में सफल रहा, बल्कि यह उनके सपनों को साकार करने की दिशा में भी एक मजबूत नींव साबित हुआ।
यूबीए टीम ने यह आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी इस तरह के प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे, ताकि हर बच्चा शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को उज्जवल बना सके।
कार्यक्रम ने यह साबित किया कि शिक्षा, जागरूकता और सही मार्गदर्शन से न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरा समाज बदल सकता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के इस संयुक्त आयोजन ने छात्रों के मन में शिक्षा के प्रति एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया।
“शिक्षा की शक्ति को पहचानें, और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यह वह माध्यम है, जो आपके सपनों को हकीकत में बदल सकता है।”











