‘राइजिंग राजस्थान’: जयपुर को स्पोर्ट्स हब बनाने की पहल और ब्रिटिश निवेशकों से साझेदारी

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‘राइजिंग राजस्थान’: जयपुर को स्पोर्ट्स हब बनाने की पहल और ब्रिटिश निवेशकों से साझेदारी

लंदन, राजस्थान सरकार ने ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत जयपुर को स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लंदन में आयोजित इन्वेस्टर्स रोड शो के दौरान, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रॉयल मल्टीस्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (राजस्थान रॉयल्स की मालिक कंपनी) के साथ मिलकर जयपुर में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की योजना की घोषणा की। इस एमओयू में खेल चिकित्सा, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य खेल सुविधाओं को शामिल किया गया है।

 

जयपुर: स्पोर्ट्स हब के रूप में विकास

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में, राज्य सरकार और रॉयल मल्टीस्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के बीच यह साझेदारी जयपुर को एक प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करेगी। लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद, राजस्थान रॉयल्स के मालिक मनोज बडाले और टीम के क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा की उपस्थिति में इस योजना पर सहमति बनी। इसमें स्टेडियम, खेल प्रशिक्षण केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएँ और मनोरंजन की व्यवस्थाओं को प्रमुखता दी जाएगी।

लंदन में रोड शो और निवेश प्रोत्साहन योजना का अनावरण

‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर्स रोड शो के दौरान, मुख्यमंत्री ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 का अनावरण किया, जिसमें आईटी, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहनों की घोषणा की गई। इस योजना के तहत कई नए क्षेत्रों को सनराइज सेक्टर के अंतर्गत शामिल किया गया है, जिससे राजस्थान में निवेश को आकर्षित करने का उद्देश्य रखा गया है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने ब्रिटेन की कंपनियों से राज्य में निवेश करने के लिए आह्वान किया।

ब्रिटिश कंपनियों के साथ एमओयू

इस यात्रा के दौरान, राजस्थान सरकार ने इंडो-यूके इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, रिन्यू पावर, हिंदुस्तान सिलिकॉन रिसोर्सेज लिमिटेड और अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू किए। ये समझौते रक्षा, अक्षय ऊर्जा, और बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश लेकर आएंगे, जिससे राज्य की विकास योजनाओं को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश कंपनियों के साथ साझेदारी करते हुए राज्य की निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया और अगले पांच वर्षों में राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा।

शिक्षा, स्वास्थ्य, और नवाचार में निवेश के अवसर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, फिनटेक, ईवी, और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के लिए ब्रिटिश कंपनियों को आमंत्रित किया। उन्होंने लंदन में इंपीरियल इनोवेशन हब का दौरा किया और राज्य में तकनीकी शिक्षा और नवाचार के अवसरों पर चर्चा की। NICE (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस) और स्केल स्पेस के साथ साझेदारी पर भी विचार किया गया, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ तलाशी गईं।

जर्मनी के साथ भी साझेदारी

इससे पहले, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी में कई कंपनियों के साथ एमओयू किए, जिसमें अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया। जर्मनी को ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का पार्टनर कंट्री बनाने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024

यह त्रि-दिवसीय समिट 9 से 11 दिसंबर 2024 तक जयपुर में आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। कृषि, पर्यटन, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य कई क्षेत्रों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और PwC इंडिया इस समिट के प्रमुख साझेदार हैं।

राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य को वैश्विक निवेश केंद्र और खेलों के हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्रिटिश कंपनियों के साथ साझेदारी और जयपुर में खेलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना राज्य की विकास योजनाओं को एक नई दिशा देगा।

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