स्वर भाव उत्सव-2024: जयपुर में शास्त्रीय संगीत और नृत्य का महोत्सव

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जयपुर के जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में दो दिवसीय ‘स्वर भाव उत्सव-2024’ का भव्य समापन हुआ। ‘भाव सुर ताल’ संस्था द्वारा आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य युवाओं में शास्त्रीय संगीत और नृत्य के प्रति प्रेम और रुचि को बढ़ावा देना था।

उत्सव का शुभारंभ और पहला दिन

महोत्सव का शुभारंभ डॉ. अंकित पारीक और डॉ. तरुणा जांगिड ने माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात इशांत सक्सेना ने अपनी एकल तबला वादन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं मिष्ठी सिंह की एकल कथक नृत्य प्रस्तुति ने सभागार को जीवंत कर दिया।

संगीत और नृत्य का अद्वितीय समागम

दूसरे दिन की प्रस्तुतियाँ और भी शानदार रहीं। सितार और हारमोनियम की जुगलबंदी ने श्रोताओं को राग भूपाली के सुरों में डुबो दिया। बाल वर्ग और किशोर वर्ग द्वारा प्रस्तुत ‘तकला कचहरी’ ने दर्शकों का मन मोह लिया।

जल संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘जल नृत्य नाटिका’ का मंचन हुआ, जिसका उद्देश्य ‘जल बचाने’ का संदेश देना था। इस प्रस्तुति ने श्रोताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

विद्यार्थियों का सम्मान

उत्सव के समापन पर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के साथ-साथ संस्था के निर्देशक डॉ. अंकित पारीक और डॉ. तरुणा जांगिड ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

इस आयोजन ने जयपुर में शास्त्रीय संगीत और नृत्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान किया और युवाओं में इन कलाओं के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। ‘स्वर भाव उत्सव-2024’ ने जयपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई दिशा और उमंग का संचार किया।

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