राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने आगामी 3 जुलाई, 2024 से प्रारम्भ होने वाले राजस्थान विधानसभा के पहले बजट सत्र से पूर्व भाजपा सरकार के छह माह के कार्यकाल की तीव्र आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को निराशा हाथ लगी है, क्योंकि वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों में जनकल्याणकारी योजनाओं का अभाव स्पष्ट दिख रहा है।
*जनकल्याण की कमी और पूर्ववर्ती योजनाओं की समीक्षा*
डोटासरा ने कहा कि अब तक का कार्यकाल भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की कमी को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केवल कांग्रेस सरकार की योजनाओं की समीक्षा और उन्हें सीमित करने में समय बिताया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ऐसा कार्य जो जनहित में हो, भाजपा सरकार ने पिछले छह महीनों में नहीं किया। उनके अनुसार, सरकार का समय आपसी झगड़ों, इस्तीफों की घोषणाओं और केंद्र की सरकार की परिक्रमा में व्यर्थ हो रहा है।
*पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने का प्रयास*
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कांग्रेस की योजनाओं का श्रेय लेने का असफल प्रयास कर रही है। उदाहरण के तौर पर, झुंझुनूं में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा पेंशन राशि की घोषणा का श्रेय पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कानून बनाकर न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये देने का प्रावधान किया था, जिसकी वृद्धि भी कांग्रेस के कार्यकाल में तय की गई थी। भाजपा सरकार इसे अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
*युवाओं के रोजगार और बेरोजगारी भत्ते की उपेक्षा*
डोटासरा ने सरकार की बेरोजगारी भत्ता योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में एक भी नई भर्ती की विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। इसके विपरीत, पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई भर्तियों के नियुक्ति पत्र बांटकर वाहवाही लूटी जा रही है। बेरोजगारों के लिए उपलब्ध 50 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग भी नहीं किया गया है, जो सरकार की युवाओं के प्रति उदासीनता दर्शाता है।
*किसान सम्मान निधि और अन्य मुद्दे*
उन्होंने किसानों को सम्मान निधि देने के सरकार के वादे को लेकर भी सरकार की आलोचना की। चुनावों में किए गए 12 हजार रुपये की राशि देने के वादे के स्थान पर मात्र दो हजार रुपये की वृद्धि की घोषणा को अपर्याप्त बताया। इसके अतिरिक्त, गेहूं की खरीद पर एमएसपी बोनस देने के वादे पर सरकार द्वारा केवल 150 रुपये का बोनस दिए जाने को वादाखिलाफी कहा।
*पूर्ववर्ती योजनाओं का श्रेय लेना*
डोटासरा ने विवेकानंद स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के उद्घाटन को पूर्ववर्ती सरकार की पहल बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इन स्कूलों के लिए बजट का एक पैसा भी खर्च नहीं किया और सभी कार्य कांग्रेस सरकार ने ही कराए थे।
*रीट और नीट पेपर लीक का मुद्दा*
उन्होंने रीट पेपर लीक की चर्चा करते हुए भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पुनः परीक्षा करवा कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी, जबकि नीट पेपर लीक के मामले में भाजपा नेताओं की चुप्पी उनके चरित्र को उजागर करती है।
*आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे जनहित के मुद्दे*
डोटासरा ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर भाजपा सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर गरीबों के पुनर्वास और विकास के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाया।
राजस्थान की जनता भाजपा सरकार के इस छह महीने के कार्यकाल से निराश है, और अब उनकी उम्मीदें आगामी बजट सत्र पर टिकी हुई हैं, जहां विपक्ष जनता के मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा।










