नवोदित केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्रालयों में अधिकारियों के साथ मैराथन मीटिंग्स करने के बाद अब स्वयं ग्राउंड पर उतर गए हैं। इस सप्ताह उन्होंने नेशनल म्यूजियम से लेकर पुराना किला तक पहुंच कर प्रबंधन को परखा। शेखावत का स्पष्ट मानना है कि विकसित भारत बनाने में पर्यटन और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। उनकी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार संस्कृति, कला और पर्यटन के क्षेत्र में नए सोपान तय करने के लिए शानदार काम करेगी।
पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण करने के बाद से शेखावत लगातार दोनों मंत्रालयों में अधिकारियों की मैराथन मीटिंग्स ले रहे थे। मीटिंग्स के बाद शेखावत ने जमीनी हकीकत जानने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के अधीन आने वाले स्थलों का प्रबंधन जानना प्रारंभ कर दिया है। इस सप्ताह वो दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नेशनल म्यूज़ियम की व्यवस्था का अवलोकन कर चुके हैं। उन्होंने नेशनल म्यूजियम का अवलोकन करने के बाद कहा कि हमारे भारत की वैविध्यपूर्ण सांस्कृतिक विरासत को यहां बखूबी सहेजा गया है। यह जरूरी है कि हम अपनी मूल संस्कृति से परिचित हों। संस्कृति मंत्रालय की टीम इसकी बढ़िया देख-रेख कर रही है। शेखावत भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एंड मैत्री (भीष्म) के क्रिटिकल ट्रामा क्यूब के प्रदर्शन को देखने पहुंचे। भीष्म को पर्यटन स्थलों में इमरजेंसी और आपदा राहत के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता के लिए बनाया गया है। उन्होंने यहां कहा कि यह नई सोच का परिणाम है। शनिवार को शेखावत सुबह-सुबह कुतुब मीनार पहुंचे और रख-रखाव का अवलोकन किया। उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। शेखावत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संस्कृति मंत्रालय पिछले एक दशक से ऐतिहासिक स्थलों के विषय में सही जानकारी और पर्याप्त प्रबंध को लेकर प्रो-एक्टिव मोड पर काम कर रहा है। परिणामस्वरूप आज का भारत अपनी मूल सांस्कृतिक पहचान पर गर्वित है, जिसका प्रभाव वैश्विक रूप से नजर आ रहा है।
कुतुब मीनार के बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रसिद्ध पुराना किला परिसर का प्रबंधन भी परखा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी सांस्कृतिक जानकारी और जन-सुविधा के संदर्भ में सुधार के प्रयास जारी रहेंगे। पुराना किला में शेखावत वहां आए नागरिकों के साथ जमीन पर बैठे और फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि जनता बेहतर जानती है। ऐतिहासिक स्थलों में उन्हें क्या महसूस होता है और क्या सुधार होना चाहिए? शेखावत को नागरिकों से अच्छे सुझाव मिले। शेखावत ने 17वीं शताब्दी में बने लाल किला पहुंचकर व्यवस्था का आकलन किया। उन्होंने कहा कि रिफ़ॉर्म्स और फीडबैक इस सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा है, जिसके आधार पर प्रबंध उन्नत होता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री शेखावत के अनुसार देश के पर्यटन में इतना क्षमता है कि वो भारत की इकोनॉमी का ड्राइवर बन सकता है। आज पर्यटन देश की जीडीपी में 6 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है। इसको हम कैसे बढ़ा सकते हैं? उस दिशा में वो काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत में बहुत विभिन्नता है और देश की समृद्ध संस्कृति है, जो पूरी दुनिया को आकर्षित करती है। भारत न केवल लोकतंत्र की मातृभूमि है, बल्कि कला, साहित्य, संस्कृति की मातृभूमि भी है।
गौरतलब है कि शेखावत लगातार तीसरी बार जोधपुर से सांसद चुने गए हैं। मोदी 1.0 में वो कृषि राज्यमंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। मोदी 2.0 में उन्होंने महत्वपूर्ण नवगठित जलशक्ति मंत्रालय संभाला। मोदी 3.0 में शेखावत को पर्यटन और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का प्रभार मिला है।












