जयपुर, राजस्थान में पड़ रही तपती गर्मी से लोग बेहाल हैं। ऐसे में, जब सभी लोग राहत की तलाश में हैं, प्रसून और पंकज जैसे कुछ इंसान हैं, जो जीव दया के कार्यों में अपना समय और ऊर्जा लगा रहे हैं।
पेशे से व्यवसायी प्रसून और पंकज मित्र हैं। वे इस भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की पीड़ा को देखकर विचलित हुए। पक्षियों तक पानी पहुंचाने के लिए उन्होंने अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर ‘सांगानेर सारथी’ और ‘मिशन समृद्धि’ नामक दो सोशल मीडिया समूहों की शुरुआत की। इन समूहों के माध्यम से वे लोगों को पक्षियों की पीड़ा के प्रति जागरूक कर रहे हैं और उन्हें शहर के विभिन्न स्थानों पर पक्षी-नीर यानी की परिंडे रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
यह प्रेरणादायक कहानी केवल पक्षी-संरक्षण तक ही सीमित नहीं है। प्रसून और पंकज राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू किए गए क्लाइमेट चेंज एजुकेशन, जल संरक्षण कार्यक्रम, ईआरसीपी आदि कल्याणकारी कार्यक्रमों से प्रेरित हैं। वे कहते हैं कि CM शर्मा ने जिस तरह राजस्थान की पानी की जरूरत को समझकर ईआरसीपी समझौता करवाया है और वे भगीरथ भजनलाल बने हैं, उसी तरह अन्य लोगों को पक्षियों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनका मानना है कि पक्षियों को पानी उपलब्ध कराना, न केवल पुण्य का काम है, बल्कि लोगों को पानी के महत्व को समझने का एक प्रभावशाली तरीका है। वे मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करने के लिए रात में परिंडों पर भगीरथ भजनलाल लिखते हैं और हर सुबह उन्हें शहर के अलग—अलग स्थानों पर लगाते हैं।
वे न केवल परिंडे लगाते हैं, बल्कि लोगों से उनमें नियमित रूप से पानी भरने का भी आग्रह करते हैं। उनका संदेश है कि शहर के जीवों की रक्षा और कल्याण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। प्रसून और पंकज की यह कहानी हमें सिखाती है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी मानवता और करुणा जीवित रह सकती है। वे हमें प्रेरित करते हैं कि हम भी अपने आसपास के जीवों के प्रति दयालु बनें और उनकी रक्षा के लिए प्रयास करें।
आइए, हम सब मिलकर प्रसून और पंकज के इस नेक कार्य का समर्थन करें और उनके जज्बे को आगे बढ़ाएं!










