जयपुर, भाजपा नेता पं. सुरेश मिश्रा ने अशोक गहलोत सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में भ्रष्टाचार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मिश्रा ने दावा किया कि पार्टी के कई विधायकों ने भी टीवी पर इन आरोपों की पुष्टि की है। राजीव गांधी स्टडी सर्किल के सदस्य जारोली, जिन्हें रीट परीक्षा का जिम्मा सौंपा गया था, पर भी आरोप लगाए गए हैं।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि 25 लाख रीट परीक्षार्थियों का जीवन बर्बाद करने का दोष गहलोत सरकार पर है। उन्होंने कहा कि आरपीएससी को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर अक्षम और भ्रष्ट लोगों की भर्ती की गई है, जिससे राज्य की शासन व्यवस्था कमजोर हो गई है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि गहलोत सरकार ने पिछले पांच वर्षों में एक भी नया पावर प्लांट स्थापित नहीं किया और निजी क्षेत्र से महंगी बिजली खरीदकर भ्रष्टाचार किया। उन्होंने जल जीवन मिशन टेंडर घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में पानी की समस्या बढ़ गई है, जबकि केंद्र सरकार ने राज्य को 27 हजार करोड़ रुपये दिए थे। मिश्रा के अनुसार, गहलोत सरकार ने इन फंडों का सही उपयोग नहीं किया।
सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर भी मिश्रा ने गहलोत सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पंखे और कूलर तक उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इन बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया है।
मिश्रा ने गहलोत पर अपनी पार्टी के नेताओं को नॉन परफॉर्मिंग एसेट कहने का आरोप लगाया और कहा कि ये नेता एक समय गहलोत के निकटतम सहयोगी थे। उन्होंने कहा कि गहलोत की राजनीति से परेशान होकर ये नेता भाजपा में शामिल हुए।
मिश्रा ने कहा कि गहलोत भाजपा के लिए परफॉर्मिंग एसेट साबित हुए हैं, जो हर बार मुख्यमंत्री बनते हैं और नकारा सरकार चलाकर भाजपा को जिताने में मदद करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा नेता भजनलाल शर्मा भ्रष्टाचारियों को नहीं बख्शेंगे और 2028 में सुशासन और विकास के मॉडल पर भाजपा की सरकार फिर बनेगी।










