प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम का 100 दिवसीय विंटर एक्शन प्लान, धूल और धुएं पर रहेगी विशेष निगरानी
निगमायुक्त अग्रिम कुमार ने दिए निर्देश, सड़क सफाई से लेकर निर्माण स्थलों और वाहनों के प्रदूषण तक पर होगी कार्रवाई
जबलपुर। सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल के कणों से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम जबलपुर ने 100 दिवसीय विशेष विंटर एक्शन प्लान तैयार किया है। निगमायुक्त अग्रिम कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना प्रभावी ढंग से लागू करने तथा वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्ययोजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट का उपयोग अनिवार्य करने के साथ ही निर्माण सामग्री और मलबे के कारण फैलने वाली धूल पर भी निगरानी रखी जाएगी।
खुले में कचरा जलाने वालों तथा सड़कों पर निर्माण मलबा फेंकने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को पारंपरिक ईंधन के स्थान पर स्वच्छ ऊर्जा आधारित तंदूर अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की सघन जांच और खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर भी निगरानी रखी जाएगी।
सवाल यह भी कि कितनी प्रभावी होगी निगरानी?
विंटर एक्शन प्लान की सफलता केवल निर्देश जारी करने से नहीं, बल्कि धरातल पर उनके नियमित क्रियान्वयन से तय होगी। शहर में जगह-जगह उड़ती धूल, निर्माण स्थलों से निकलने वाला मलबा, सड़कों पर जमा मिट्टी और खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर वास्तविक नियंत्रण कितना हो पाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
नगर निगम के सामने चुनौती यह है कि 100 दिनों की इस कार्ययोजना को केवल कागजी अभियान न रहने देकर प्रत्येक वार्ड और प्रमुख मार्ग पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
स्वच्छ हवा, स्वस्थ नागरिक और प्रदूषण मुक्त संस्कारधानी का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रशासनिक निगरानी के साथ जिम्मेदार नागरिक सहभागिता भी सुनिश्चित हो।










