लोक सूचना के तहत जानकारी छिपाने की शिकायत पर स्थापना शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों को लगाई फटकार, कहा—जनता को जानकारी देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जबलपुर। नगर निगम में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हितग्राहियों ने अपनी-अपनी समस्याएं नगर निगम आयुक्त श्री राम प्रकाश अहिरवार के समक्ष रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी ली और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने सफाई, जलापूर्ति, सड़क, नाली, अतिक्रमण, संपत्ति एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को केवल दर्ज कर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी स्वयं मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करें।
लोक सूचना में जानकारी छिपाने की शिकायत पर आयुक्त सख्त
जनसुनवाई में एक शिकायत लोक सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और जानकारी छिपाए जाने से संबंधित भी सामने आई। शिकायत की जानकारी मिलते ही आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और स्थापना शाखा के अधीक्षक, संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
आयुक्त ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि नागरिकों को नियमानुसार उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी में अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई एवं शिकायतकर्ता को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनहित में तत्काल निर्णय लेने पर जोर
जनसुनवाई के दौरान आयुक्त की कार्यशैली में त्वरित निर्णय और जनहित को प्राथमिकता का स्पष्ट संदेश दिखाई दिया। शिकायतों को सुनने के बाद वे संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब लेते रहे और जहां तत्काल कार्रवाई संभव थी, वहां मौके पर ही निर्देश जारी किए।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम में आने वाला प्रत्येक नागरिक अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर आता है। इसलिए अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करें।
मंगलवार की जनसुनवाई में आयुक्त द्वारा लिए गए तत्काल निर्णयों और अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों से यह संदेश गया कि जनता की समस्या का समाधान नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।










