समिति प्रबंधक से 8 हजार लेते सहकारिता निरीक्षक गिरफ्तार
20 हजार रुपए की मांगी थी रिश्वत, बातचीत के बाद 8 हजार में हुआ सौदा; कम्प्यूटर ऑपरेटर भी लोकायुक्त के शिकंजे में
नरसिंहपुर | प्रतिनिधि
सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारिता निरीक्षक और एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सोमवार शाम करीब पांच बजे विभाग के ऑडिट कार्यालय में लोकायुक्त की आठ सदस्यीय टीम ने दबिश देकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
लोकायुक्त के अनुसार, कार्रवाई में सहकारिता निरीक्षक राजेंद्र सिंह और कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित श्रीवास्तव को शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। शिकायत सेवा सहकारी समिति बरहटा के प्रबंधक अशोक पटेल ने की थी।
ऑडिट के नाम पर मांगे थे 20 हजार
शिकायतकर्ता अशोक पटेल के मुताबिक, उनकी सेवा सहकारी समिति के वर्ष 2025-26 के ऑडिट की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सहकारिता निरीक्षक राजेंद्र सिंह द्वारा ऑडिट से संबंधित काम के लिए कथित तौर पर 20 हजार रुपए की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने राशि अधिक होने की बात कही, जिसके बाद बातचीत के बाद मामला 8 हजार रुपए में तय हुआ।
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना लोकायुक्त जबलपुर को दी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और सोमवार को निर्धारित स्थान पर पहुंची।
कार्यालय में जैसे ही रुपए दिए, टीम ने दबोचा
लोकायुक्त की टीम ने शिकायतकर्ता को तय राशि लेकर ऑडिट कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए। शाम करीब पांच बजे शिकायतकर्ता ने जैसे ही 8 हजार रुपए दिए, वहां मौजूद लोकायुक्त अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए सहकारिता निरीक्षक राजेंद्र सिंह और कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित श्रीवास्तव को पकड़ लिया।
टीम ने रिश्वत की राशि बरामद कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ रिश्वत से जुड़े पूरे घटनाक्रम और भूमिका की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग में हड़कंप की स्थिति है। कार्रवाई के दौरान टीम ने दस्तावेजों और अन्य संबंधित सामग्री की भी जांच की।










