अड़ीबाजी कर 10 हजार रुपये मांगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
मारपीट के बाद दी जान से मारने की धमकी, मुख्य आरोपी के कब्जे से देशी पिस्टल और कारतूस बरामद
जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में ऑटो चालक से अड़ीबाजी कर 10 हजार रुपये की मांग करने और विरोध करने पर डंडों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्टल और एक कारतूस भी बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 19 सितंबर को धोबीघाट निवासी 21 वर्षीय आयुष राजपूत ने रांझी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह ऑटो चलाता है और अपने साथी प्रवीण ठाकुर व सोहेल खान के साथ धोबीघाट पहुंचा था। इसी दौरान विशाल ठाकुर उर्फ पैंडा अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और उनसे 10 हजार रुपये खर्च के लिए मांगने लगा।
रुपये देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विशाल ने डंडे से आयुष के हाथ, पैर और कमर पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए प्रवीण और सोहेल के साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि रुपये नहीं दिए तो जान से मार देंगे।
शिकायत पर रांझी थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 744/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
पेट्रोलिंग के दौरान पिस्टल के साथ पकड़ा गया
20 सितंबर की रात पुलिस टीम पेट्रोलिंग पर थी। ज्योति नर्सरी के पास शांतिनगर रोड, करोंदी में पुलिस को देखकर एक युवक छिपने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान विशाल ठाकुर उर्फ पैंडा, उम्र 25 वर्ष, निवासी इंद्रानगर रांझी के रूप में हुई।
तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी पिस्टल और एक कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने करीब दो माह पहले तरुण पटेल से पिस्टल 23 हजार रुपये में खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
पूछताछ में सामने आए साथियों के नाम
पुलिस ने विशाल ठाकुर को पहले दर्ज मारपीट और अड़ीबाजी के मामले में भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के नाम आयुष समुद्रे निवासी इंद्रानगर धोबीघाट और ऋतिक उर्फ निंजा बताए। पुलिस ने आयुष समुद्रे को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ऋतिक उर्फ निंजा की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी विशाल ठाकुर उर्फ पैंडा के खिलाफ पूर्व में आर्म्स एक्ट, अवैध वसूली, मारपीट, विस्फोटक अधिनियम और चोरी सहित सात अपराध दर्ज हैं।
कार्रवाई में उप निरीक्षक सीताराम बकोड़े, प्रधान आरक्षक चंद्रभान, पुरुषोत्तम तथा आरक्षक अभिषेक, चेतेन्द्र साहू और आलोक की भूमिका रही।










