5 घंटे में 200 किमी दौड़ी लोकायुक्त की टीम, पन्ना पहुंचकर 47 हजार की रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा
केन-बेतवा लिंक परियोजना के बढ़े मुआवजे और मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रतिवेदन के नाम पर मांगी थी 80 हजार की रिश्वत
पन्ना। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई का एक और मामला सामने आया है। गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने पन्ना में 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते पटवारी संतोष कुमार चिकवा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई जिला चिकित्सालय पन्ना के गेट के सामने की गई।
लोकायुक्त के अनुसार आरोपी पटवारी हल्का नंबर-20 जनवार, तहसील पन्ना में पदस्थ है। ग्राम गहदरा निवासी दयाराम आदिवासी ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत की थी कि पटवारी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बढ़ी हुई मुआवजा राशि दिलाने तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक पटवारी प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
पहले ही दे चुका था 30 हजार
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पटवारी को पहले ही 30 हजार रुपए दिए जा चुके थे। इसके बाद शेष राशि के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
200 किमी का सफर, अस्पताल गेट पर बिछाया जाल
शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए पन्ना जिला अस्पताल के गेट पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही लोकायुक्त सागर की टीम करीब 200 किलोमीटर का सफर लगभग 5 घंटे में तय कर पन्ना पहुंची। टीम के सदस्य सादे कपड़ों में पहले से मौके पर मौजूद थे।
जैसे ही पटवारी संतोष कुमार चिकवा ने शिकायतकर्ता से 47 हजार रुपए लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह सहित लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम शामिल रही। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।










