‘आप कौन, अंदर कैसे आए?’—अफसर ने दिखाई हेकड़ी, लोकायुक्त ने रिश्वत लेते ही दबोचा
भोपाल। बिजली कनेक्शन और पुराने बिजली चोरी प्रकरण के निपटारे के नाम पर रिश्वत मांगना बिजली विभाग के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया। लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को छोला स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर अमित कुमार उपाध्याय को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। मामले में एई राजेन्द्र वरवड़े के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
बताया गया कि शाहजहांनाबाद निवासी तारिक सिद्दीकी ने 7 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार मकान में नया बिजली मीटर लगवाने के लिए संपर्क करने पर अधिकारियों ने पुराने मामले का हवाला देते हुए चालान से बचाने और मीटर लगवाने के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया। योजना के अनुसार फरियादी 15 हजार रुपए लेकर विद्युत कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई अमित कुमार उपाध्याय ने राशि ली, लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया।
अफसरी का रौब भी नहीं आया काम
कार्रवाई के दौरान जेई ने लोकायुक्त टीम को देखकर कथित तौर पर सवाल किया—“आप कौन हैं, अंदर कैसे आए?” टीम ने जब अपना परिचय लोकायुक्त डीएसपी और टीम के रूप में दिया तो कार्यालय में सन्नाटा छा गया।
रिश्वतखोरी के इस मामले ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सतर्कता और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता को सामने ला दिया है।










