हाईकोर्ट की सख्ती: MP के DGP कैलाश मकवाना को व्यक्तिगत पेशी का आदेश
जबलपुर। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को जबलपुर हाईकोर्ट ने एक मामले में व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। मामला सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम की करीब 17 लाख रुपये की रिकवरी वापस नहीं किए जाने से जुड़ा है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और राशि वापस करने के लिए चार सप्ताह की अंतिम समय-सीमा दी है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में पूरी राशि वापस नहीं की गई, तो DGP कैलाश मकवाना, तत्कालीन भोपाल SP ममतेश माली और पेंशन अधिकारी शोभा भाकरिया को आगामी 28 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
अदालत के आदेश की अनदेखी पर सख्त संदेश
कोर्ट के इस आदेश से पुलिस महकमे में हलचल है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि उसके आदेशों के अनुपालन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मामला अब केवल राशि की वापसी तक सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही का विषय भी बन गया है।
अब निगाहें 28 सितंबर की अगली सुनवाई पर रहेंगी—क्या निर्धारित समय में सेवानिवृत्त महिला अधिकारी को उसकी राशि वापस मिलती है या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अदालत के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ेगा?










