शहपुरा आरओबी के एप्रोच का होगा स्थायी पुनर्निर्माण, तीन वैकल्पिक मार्ग तैयार
जबलपुर। क्षतिग्रस्त शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के एप्रोच के स्थायी पुनर्निर्माण को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और दीर्घकालीन स्थायित्व से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
आरओबी का स्थायी एप्रोच तैयार होने तक नागरिकों और भारी वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग का सुधार कार्य 20 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी तरह जबलपुर–पाटन–शहपुरा के करीब 36 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आवश्यक मरम्मत, रोड शोल्डर और संकेतक संबंधी कार्य 15 सितंबर तक पूरे किए जाएंगे। सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग को भी यातायात के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके सुधार कार्य की समय-सीमा 20 अगस्त निर्धारित की गई है।
तीनों मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी
लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को तीनों वैकल्पिक मार्गों पर नियमित निगरानी के साथ आवश्यक मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक आरओबी का स्थायी पुनर्निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्गों पर यातायात व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निर्माण एजेंसी डिबार, एमडी पर एफआईआर
आरओबी निर्माण करने वाली मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.–मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। वहीं मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और स्थायी रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।










