पद का प्रभाव नहीं, नियमों का सम्मान: जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन ने कटवाया चालान, दिया अनुकरणीय संदेश
जबलपुर। प्रातःकाल मां नर्मदा के दर्शन कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहे जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अध्यक्ष संदीप जैन उस समय मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान की जद में आ गए, जब मोटर मित्र पेट्रोल पंप के समीप पुलिस ने उन्हें रोक लिया। विशेष चेकिंग अभियान के कारण वहां न्यायिक अधिकारी भी मौजूद थे और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी।
संदीप जैन ने वाहन सड़क किनारे खड़ा किया और सहज भाव से पुलिसकर्मियों से पूछा, “क्या बात है, मुझे क्यों रोका गया?” इस पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने विनम्रता से उत्तर दिया, “भाई साहब, आपका हेलमेट कहां है?” तभी जैन को अपनी भूल का एहसास हुआ कि मां नर्मदा के दर्शन के लिए निकलने की जल्दबाजी में वे हेलमेट पहनना भूल गए थे।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे प्रतिदिन मां नर्मदा के दर्शन के लिए जाते हैं और आज अनजाने में यह चूक हो गई। पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यातायात नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं और बिना हेलमेट वाहन चलाने पर नियमानुसार चालान बनाया जाएगा। पुलिसकर्मियों ने उनसे एक हजार रुपये का चालान जमा करने को कहा।
कुछ क्षणों तक दोनों पक्षों के बीच सहज संवाद चलता रहा। संदीप जैन ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए किसी प्रकार की बहस नहीं की और न ही अपने पद अथवा पहचान का उल्लेख कर किसी विशेष रियायत की अपेक्षा जताई। उन्होंने शांत भाव से निर्धारित चालान राशि जमा कर दी।
चालान की औपचारिकता पूरी होने के बाद संदीप जैन मुस्कुराते हुए बोले, “मां नर्मदा जी के दर्शन के लिए प्रतिदिन जाता हूं। आज गलती हो गई, लेकिन अगली बार से बिना हेलमेट कभी वाहन नहीं चलाऊंगा। आप सभी का धन्यवाद।”
घटना के बाद उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय यही रहा कि यदि वे चाहते तो अपने पद का परिचय देकर कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते थे, किंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनके इस व्यवहार ने यह संदेश दिया कि लोकजीवन में पद की गरिमा तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति स्वयं कानून का सम्मान करते हुए दूसरों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बने।










