50 हजार की पहली किस्त लेते ही बाबू लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा: सेवानिवृत्त अधिकारी के 27 लाख रुपये के लंबित भुगतान के एवज में मांग रहा था 1.50 लाख की रिश्वत, लोकायुक्त ने कार्यालय में रंगे हाथ दबोचा
आगर-मालवा। मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में लोकायुक्त उज्जैन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आपूर्ति कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखापाल (बाबू) मनीष कुमार पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। फरियादी जावरा निवासी विजय कुमार बोरसिया ने शिकायत की थी कि उनके पिता गोवर्धनलाल बोरसिया, जो जिला आपूर्ति अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी ग्रेच्युटी, बीमा और अवकाश नकदीकरण सहित लगभग 27 लाख रुपये की लंबित राशि जारी करने के बदले आरोपी बाबू 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और फरियादी को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेकर आरोपी के कार्यालय भेजा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने किया, जबकि निरीक्षक सेजवार सहित 10 सदस्यीय टीम मौके पर मौजूद रही। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।









