Kotputli पंचायत समिति के विकास अधिकारी पर मिलीभगत के आरोप, ग्राम पंचायत कुहाड़ा की शिकायत पर 15 दिन में जांच रिपोर्ट के आदेश

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कोटपूतली/विराटनगर। ग्राम पंचायत कुहाड़ा में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शिकायतकर्ता बाबूलाल गुर्जर ने पंचायत विभाग एवं एसीबी कार्यालय जयपुर में विस्तृत शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच राजेंद्र कुमार मीणा, ग्राम विकास अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में पंचायत रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी, मनरेगा कार्यों में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने, विकास कार्यों में अनियमितता तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग जैसे कई आरोप शामिल किए गए हैं।

शिकायत के अनुसार पंचायत रिकॉर्ड में कथित रूप से गंभीर गड़बड़ियां करते हुए एक ही व्यक्ति के दो-दो बार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर भूमि खाताधारकों की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कर अन्य व्यक्तियों के नाम खाते खोलने जैसी कार्रवाई की गई, जिससे वास्तविक खाताधारकों को नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें न्यायालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मनरेगा कार्यों को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि कई ऐसे लोगों के जॉब कार्ड पर उपस्थिति दर्ज की गई जो कार्यस्थल पर कभी पहुंचे ही नहीं। आरोपों में सरपंच के परिजनों और कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। शिकायत के अनुसार कई मामलों में किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई तथा सरकारी भुगतान प्राप्त कर राशि का निजी उपयोग किया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिन विकास कार्यों को एक स्थान के लिए स्वीकृत किया गया था, उन्हें कथित रूप से दूसरे स्थान पर कराया गया अथवा कई मामलों में बिना कार्य कराए ही भुगतान जारी कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे सरकारी धन का लाखों रुपये का दुरुपयोग हुआ है और पंचायत रिकॉर्ड में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं।

मामले को गंभीर मानते हुए अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा विकास अधिकारी, विराटनगर को ग्राम पंचायत कुहाड़ा का रिकॉर्ड जब्त कर जांच करने तथा 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद पंचायत समिति कोटपूतली के विकास अधिकारी द्वारा अब तक रिकॉर्ड जब्त नहीं किया गया है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए विकास अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं तथा मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की है।

फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्षों की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध प्रशासनिक आदेशों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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