गोंड समाज ने रचा इतिहास: केसला में 6 जोड़े दहेज मुक्त वैवाहिक बंधन में बंधे
मध्य प्रदेश के केसला, नर्मदापुरम अंतर्गत ग्राम छिपीखापा, घोगरी जोड़ स्थित अर्द्धगेश्वर बड़ादेव पेन ठाना में गोंड समाज महासभा द्वारा भव्य सामूहिक मड़मिंग सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 6 जोड़े गोंडी परंपरा और रीति-रिवाजों के साथ दहेज मुक्त वैवाहिक बंधन में बंधे। इस आयोजन ने समाज में नई सोच और सामाजिक सुधार की मजबूत मिसाल पेश की।
कार्यक्रम में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर खुलकर प्रहार करते हुए यह संदेश दिया गया कि विवाह संस्कार बिना दिखावे और बिना आर्थिक बोझ के भी गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकते हैं। सामूहिक विवाह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी और समाज में समानता व एकजुटता की भावना को मजबूत किया।
गोंडी रीति-रिवाजों के तहत पीला चावल, हल्दी, मड़ा नेंग, सतरंगी पाला और फड़ापेन सुमरनी जैसी पारंपरिक विधियों से विवाह संस्कार संपन्न कराए गए, जिससे समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजयपाल सिंह उपस्थित रहे, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए समाज की इस पहल की सराहना की।
गोंडी धर्माचार्य भूरेलाल उइके, रामरतन परते एवं जागेश मर्सकोले ने कहा कि सामूहिक विवाह न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है, बल्कि संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी मजबूत माध्यम है।
इस अवसर पर अखिलेश इरपाचे, जियालाल मर्सकोले, पूनम सिंह इरपाचे, जागेश उइके, आकाशा कुशराम, साधना उइके, जितेंद्र इवने, गज्जू सरयाम एवं समिति अध्यक्ष शिवराम उइके सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
दहेज मुक्त विवाह की यह पहल समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है, जो परंपरा और प्रगति के संतुलन का सशक्त उदाहरण है।









