सतना नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) बैठक के दौरान शहर में पिछले लगभग 20 दिनों से हो रही गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। बैठक के बीच पार्षद अभिषेक तिवारी अंशु ने विरोध दर्ज कराते हुए तांबे की बोतल में रखा साफ पानी जमीन पर उड़ेल दिया और नाराज़गी जताते हुए कहा—
“जब पूरा शहर गंदा पानी पीने को मजबूर है, तो हम साफ पानी क्यों पिएं?”
पार्षद के इस कदम के बाद बैठक का माहौल कुछ समय के लिए गरमा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के आधे हिस्से में करीब 20 दिनों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों से पानी के रंग और गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि:
प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
पाइपलाइन की जांच कर लीकेज और गंदगी के स्रोत का पता लगाया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
बैठक में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। नगर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या की जांच कर जल्द सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।










