जयपुर के लालकोठी स्थित प्रतिष्ठित संजय टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में इन दिनों आध्यात्मिक चेतना और प्रखर राष्ट्रवाद की एक अनुपम त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है। महाविद्यालय परिसर में 23 और 24 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस के पावन पर्वों का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, शुचिता और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ 23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर हुआ, जहाँ ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का वंदन किया गया।

इस पावन बेला पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुनीता भार्गव ने दीप प्रज्ज्वलित कर अज्ञान के अंधकार को मिटाने और ज्ञान के दिव्य प्रकाश के प्रसार का संकल्प लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर ‘सरस्वती वंदना’ के स्वरों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और सात्विक हो गया, मानो साक्षात वीणावादिनी का आशीष उस प्रांगण में बरस रहा हो। इसी क्रम में प्रशिक्षणार्थी नंदिनी वैष्णव द्वारा प्रस्तुत संस्कृत नृत्य ने अपनी शास्त्रीय मर्यादा और भक्तिभाव से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास हेतु आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं ने बड़े ही उत्साह के साथ सहभागिता की। इस आध्यात्मिक उत्सव का सफल संयोजन डॉ. सुमनलता यादव एवं डॉ. श्वेता भार्गव के कुशल निर्देशन में पूर्ण हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. सुनीता भार्गव ने संस्कारों की महत्ता पर बल देते हुए अपने संबोधन में कहा कि विद्या और संस्कार ही वे दो आधार स्तंभ हैं जो विद्यार्थियों को सशक्त और समाज को समृद्ध बनाते हैं।
आस्था के इस महापर्व के पश्चात, 24 जनवरी को कॉलेज प्रांगण राष्ट्रभक्ति के ओजस्वी रंग में सराबोर नजर आया। गणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का प्रारंभ माँ शारदे के श्रीचरणों में पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाते हुए प्रशिक्षणार्थियों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और ओजस्वी भाषणों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। विशेष रूप से वंशिका दाधीच एवं अंजली शर्मा की कलात्मक प्रस्तुतियों और अनु मीणा के विचारोत्तेजक भाषण ने उपस्थित जनसमूह की धमनियों में राष्ट्रप्रेम का संचार कर दिया। पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा, जो युवाओं के भीतर छिपे अदम्य साहस और देशप्रेम को प्रतिध्वनित कर रहा था। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संयोजन डॉ. ममता शर्मा द्वारा किया गया तथा अंत में डॉ. अल्पना शर्मा ने सभी का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह के समापन पर प्राचार्या प्रो. सुनीता भार्गव ने प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों को आत्मसात करना और उनका पालन करना ही एक सशक्त और जिम्मेदार राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है। यह दो दिवसीय महोत्सव शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रवाद के मेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ।










