जयपुर | सनातन परंपरा में अन्नदान को महादान कहा गया है। जब सेवा, भक्ति और सामाजिक समरसता एक साथ साकार होती हैं, तब कोई भी आयोजन केवल धार्मिक न रहकर समाज और संस्था की चेतना को सुदृढ़ करता है। इसी भावभूमि पर 10 जनवरी 2026 को संचारेश्वर महादेव मंदिर, पुलिस दूरसंचार लाइन, घाटगेट परिसर में पौष बड़ा (भोजन प्रसादी) का भव्य, अनुशासित और श्रद्धामय आयोजन संपन्न हुआ।

यह आयोजन पुलिस दूरसंचार आवासीय परिसर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग और सेवा-भाव से संभव हो सका। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन, स्वच्छता और समयबद्धता बनी रही। मंदिर परिसर प्रातःकाल से ही हर-हर महादेव के जयघोष, घंटियों की ध्वनि और भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
पौष मास में बड़े का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर पौष बड़ा प्रसादी का वितरण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि पुलिस परिवार की सामूहिक आस्था, सेवा परंपरा और सामाजिक सौहार्द का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। प्रसादी वितरण व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया, जिससे सभी आगंतुकों को सम्मानजनक और सहज अनुभव प्राप्त हुआ।
उसी दिन राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा–2025 के अंतर्गत नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम ने इस दिन को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में हजारों नवनियुक्त आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के उपरांत पुलिस दूरसंचार (तकनीकी) शाखा के लगभग 1400 नवनियुक्त कांस्टेबल पौष बड़ा प्रसादी आयोजन में सम्मिलित हुए, जो उनके सेवाकाल की शुरुआत में एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायी अनुभव रहा।
इस अवसर पर पुलिस दूरसंचार के अधिकारी-कर्मचारियों, नवनियुक्त कांस्टेबलों, आवासीय परिसर में निवासरत परिवारजनों एवं अन्य आगंतुकों सहित लगभग 3500 से अधिक लोगों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। पारंपरिक पौष बड़े के साथ प्रसादी की व्यवस्था श्रद्धा और सेवा-भाव के साथ की गई। स्वयंसेवकों और कर्मचारियों ने सेवा को साधना मानकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
यह आयोजन पुलिस दूरसंचार विभाग की विभागीय एकता, अनुशासन और सेवा-भाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। तकनीकी और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक दायित्वों का निर्वहन करने वाला विभाग भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा है—यह संदेश इस आयोजन के माध्यम से प्रभावी रूप से सामने आया।
पुलिस दूरसंचार लाइन, घाटगेट में आयोजित पौष बड़ा प्रसादी कार्यक्रम ने यह प्रमाणित किया कि जब धार्मिक आस्था, सामाजिक दायित्व और संस्थागत अनुशासन एक साथ चलते हैं, तब ऐसे आयोजन न केवल मन को शांति देते हैं, बल्कि संगठन को भीतर से मजबूत भी करते हैं। संचारेश्वर महादेव की कृपा से संपन्न हुआ यह आयोजन आने वाले समय में भी पुलिस परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।










