लाल जोड़ा और ‘ज़ोरा’: राजस्थान की सीरत मांडिया का बॉलीवुड में डबल धमाका
राजस्थान की मिट्टी से निकली एक और चमकती प्रतिभा अब हिंदी सिनेमा में लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। गांव की गलियों से सपनों की शुरुआत करने वाली सीरत मांडिया जल्द ही दो बड़ी हिंदी फिल्मों में नजर आने वाली हैं। एक ओर जहां वह फिल्म लाल जोड़ा में मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

हिंदी फिल्म ‘लाल जोड़ा’ का निर्माण 9 Wonders Entertainment के बैनर तले किया गया है। फिल्म के निर्देशक जुगल के नायक हैं, जबकि सिनेमैटोग्राफी (DOP) की जिम्मेदारी विकास सक्सेना ने संभाली है। यह फिल्म अंधविश्वास और सामाजिक मान्यताओं पर आधारित है, जिसमें सीरत मांडिया ने एक सशक्त और केंद्रीय किरदार निभाया है। फिल्म में उनका रोल कहानी की धुरी माना जा रहा है, जो सामाजिक सोच और रूढ़ियों पर सवाल उठाता है।
वहीं, बॉलीवुड फिल्म ‘ज़ोरा’ सीरत के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। इस फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर राजीव राय ने किया है और इसे राजीव राय तथा राशिद रंगरेज ने प्रोड्यूस किया है।
छोटे गांव से बड़े परदे तक के अपने सफर को लेकर सीरत मांडिया कहती हैं कि वह राजस्थान के एक छोटे से गांव से आती हैं और फिल्मों को ही अपना आईना मानती हैं। अभिनय की शुरुआत उन्होंने जयपुर की स्थानीय गलियों और थिएटर से की, लेकिन उनके सपनों का दायरा हमेशा बड़ा रहा। मेहनत और निरंतर संघर्ष के दम पर उन्होंने राजस्थानी सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स में मजबूत पहचान बनाई।

सीरत की चर्चित कृतियों में राजस्थानी फिल्म जय बड़ी माता, वेब सीरीज़ मोटाना और ओटीटी फिल्म आठवीं पास सरपंच शामिल हैं। अब तक वह करीब 10 से 12 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रोजेक्ट्स कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने हिंदी और राजस्थानी म्यूजिक वीडियोज़, एड शूट्स और मॉडलिंग में भी सक्रिय रूप से काम किया है, जिससे उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस और कैमरा फ्रेंडली अपील को पहचान मिली।
राजस्थान और बॉलीवुड का रिश्ता हमेशा से मजबूत रहा है। इरफान खान, ईला अरुण और निशा भार्गव जैसे कलाकार इसी मिट्टी से निकलकर हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बना चुके हैं। अब सीरत मांडिया भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘लाल जोड़ा’ और ‘ज़ोरा’ के जरिए एक नई मजबूत कड़ी के रूप में उभरती नजर आ रही हैं।










