जयपुर, 20 दिसम्बर 2025।भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आगामी 23 दिसंबर को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में एक भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि अटल जी अजातशत्रु थे, जो अपनी शुचिता, विचारों की स्पष्टता और तथ्यों पर आधारित राजनीति के लिए जाने जाते थे। संसद में जब वे बोलते थे तो पूरा सदन गंभीरता से उन्हें सुनता था। वे एक संवेदनशील राजनेता के साथ-साथ उच्च कोटि के कवि भी थे, जिनकी कविताओं में राष्ट्र, समाज और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त चित्रण मिलता है।

अशोक परनामी ने बताया कि अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में उन सभी प्रतिष्ठित कवियों को आमंत्रित किया गया है, जो कवि के रूप में अटल जी से जुड़े रहे हैं या जिनकी काव्य-धारा में अटल जी की वैचारिक छाप दिखाई देती है। इस अवसर पर कवि कविता के माध्यम से अटल जी के विचारों, संस्मरणों और राष्ट्रवादी चेतना को प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान अटल जी द्वारा रचित कविताओं का सस्वर गायन भी किया जाएगा, जो आयोजन को विशेष बना देगा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल
परनामी ने बताया कि इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तथा कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक एवं राज्यसभा सांसद धनश्याम तिवाड़ी शामिल रहेंगे।
देश के विख्यात कवि करेंगे काव्यपाठ
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, मध्य प्रदेश से सत्यनारायण सत्यजीत, डॉ. हरिओम पंवार, डॉ. अनामिका अंबर, वेदव्रत वाजपेयी, पूनम वर्मा और डॉ. प्रवीण शुक्ल शिरकत करेंगे। सभी कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आयोजकों के अनुसार यह ऐतिहासिक कवि सम्मेलन अटल जी को सच्ची और भावपूर्ण श्रद्धांजलि होगा।
अटल जी का मतलब भारत का अटल व्यक्तित्व: गोपाल शर्मा
सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि अटल जी ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने पूरी दुनिया में अजातशत्रु की पहचान बनाई। संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देना, पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत की सामरिक शक्ति को दुनिया के सामने रखना और उदार लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ वैश्विक मंच पर भारत की साख स्थापित करना—ये सभी अटल जी के नेतृत्व में लिखे गए स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्होंने कहा कि यह वर्ष अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जाना सौभाग्य की बात है, क्योंकि अटल जी का अर्थ ही भारत का अटल और अडिग व्यक्तित्व है।
प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी और प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ भी उपस्थित रहे।










