लंदन/जयपुर डेस्क। ब्रिटेन की सबसे सुरक्षित और कुख्यात जेलों में शामिल एचएमपी बेलमार्श जेल (HMP Belmarsh) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने वहां की जेल व्यवस्था और प्रोबेशन सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में तैनात एक युवा महिला प्रोबेशन अधिकारी ने अदालत के सामने यह स्वीकार किया है कि उसने ड्यूटी के दौरान एक खतरनाक कैदी के साथ अवैध संबंध बनाए थे। इस स्वीकारोक्ति के बाद ब्रिटेन की जेल प्रणाली एक बार फिर कठघरे में आ गई है।
मामले की मुख्य आरोपी 27 वर्षीय बेथानी डेंट-रेनॉल्ड्स हैं, जो दक्षिण-पूर्व लंदन के फॉरेस्ट हिल इलाके की रहने वाली हैं। वे वूलविच स्थित एचएमपी बेलमार्श जेल में प्रोबेशन अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। यह वही जेल है, जहां ब्रिटेन के सबसे खतरनाक अपराधियों को रखा जाता है। इनमें साउथपोर्ट हत्याकांड का आरोपी एक्सल रुदाकुबाना और मैनचेस्टर एरिना बम धमाके की साजिश में दोषी ठहराया गया हाशम अबेदी जैसे कुख्यात अपराधी भी शामिल रहे हैं।
अदालत में कबूला सार्वजनिक पद पर कदाचार
वूलविच क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेथानी डेंट-रेनॉल्ड्स ने सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार (Misconduct in Public Office) का अपराध स्वीकार कर लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, फरवरी 2024 से मई 2024 के बीच उन्होंने जेल में बंद कैदी कीरन रॉबिन्सन के साथ अवैध और रोमांटिक संबंध बनाए। कोर्ट को बताया गया कि इस दौरान उन्होंने न केवल अपने पद का दुरुपयोग किया, बल्कि जनता के विश्वास को भी गंभीर ठेस पहुंचाई।
संवेदनशील डेटा तक पहुंचने की कोशिश का आरोप
इस मामले में बेथानी पर एक और गंभीर आरोप भी लगा है। आरोप है कि उन्होंने जेल के कंप्यूटर सिस्टम ‘एनडेलियस रिकॉर्ड’ का इस्तेमाल कर बिना अनुमति के संवेदनशील जानकारियों तक पहुंचने की कोशिश की। यह कृत्य कंप्यूटर मिसयूज एक्ट, 1990 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। हालांकि, इस आरोप को अदालत ने फिलहाल “रिकॉर्ड पर रखने” का आदेश दिया है, यानी इस बिंदु पर अभी कोई सजा या अतिरिक्त कार्रवाई तय नहीं की गई है।
एक आरोप खारिज, दूसरे में मिली जमानत
बेथानी डेंट-रेनॉल्ड्स ने एक अन्य आरोप से इनकार किया था, जिसमें कहा गया था कि मार्च 2024 से अप्रैल 2024 के बीच उन्होंने कीरन रॉबिन्सन के साथ दो बार अवैध संबंध बनाए। तारीखों में विरोधाभास और साक्ष्यों की कमजोरी के चलते अदालत ने इस आरोप को खारिज कर दिया। सुनवाई के बाद जज ने बेथानी को बिना किसी शर्त के जमानत दे दी है।
अब सजा पर फैसला 2026 में
अदालत ने स्पष्ट किया है कि बेथानी डेंट-रेनॉल्ड्स की सजा को लेकर अगली सुनवाई 6 फरवरी 2026 को होगी। तब तक वह जमानत पर रहेंगी। इस पूरे मामले ने ब्रिटेन में जेल अधिकारियों की निगरानी, आंतरिक अनुशासन और सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-सिक्योरिटी जेल में इस तरह का मामला सामने आना न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि जेलों में आंतरिक नियंत्रण और जवाबदेही की व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत है।










