बाली से एडल्ट कंटेंट क्रिएटर बॉनी ब्लू को निकाला गया बाहर, इंडोनेशिया ने लगाया 10 साल का प्रतिबंध
नेशनल डेस्क | उजला दर्पण | ब्रिटेन की चर्चित और विवादों में रहने वाली एडल्ट कंटेंट क्रिएटर बॉनी ब्लू, जिनका असली नाम टिया बिलिंगर है, को इंडोनेशिया ने बाली से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इमिग्रेशन विभाग ने न केवल उन्हें देश से डिपोर्ट किया, बल्कि आगामी 10 वर्षों तक इंडोनेशिया में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। यह कार्रवाई शुक्रवार को पूरी हुई, जिसके बाद बॉनी ब्लू एक बार फिर वैश्विक मीडिया और सोशल मीडिया चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं।
बाली में बॉनी ब्लू की गतिविधियों को लेकर स्थानीय प्रशासन को शिकायत मिली थी। आरोप था कि वह एक नीले रंग के पिकअप ट्रक में घूमते हुए संदिग्ध एडल्ट कंटेंट शूट कर रही थीं। एक नागरिक की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक स्टूडियो पर छापा मारा, जहां बॉनी के साथ तीन विदेशी पुरुष मौजूद पाए गए, जिनमें दो ब्रिटेन और एक ऑस्ट्रेलिया का नागरिक बताया गया। प्रारंभिक स्तर पर मामला इंडोनेशिया के कड़े पोर्नोग्राफी कानूनों के तहत दर्ज किया गया था, जिनमें लंबी जेल सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।
जांच आगे बढ़ने पर अधिकारियों को बॉनी ब्लू के खिलाफ पोर्नोग्राफी से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद मामला टूरिस्ट वीजा के नियमों के उल्लंघन और ट्रैफिक कानूनों तक सीमित कर दिया गया। प्रशासन ने पाया कि बॉनी बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चला रही थीं और जिस वाहन का उपयोग किया जा रहा था, उसका रजिस्ट्रेशन भी सही नहीं था। अदालत ने इन मामलों में प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया और देश से निष्कासन के आदेश दिए।
इमिग्रेशन विभाग के प्रमुख हेरु विनारको ने बताया कि बॉनी ब्लू पर्यटन के उद्देश्य से इंडोनेशिया आई थीं, लेकिन उन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक गतिविधियां कीं। अदालत परिसर से बाहर निकलते समय बॉनी का कैमरों की ओर मुस्कुराना और इशारे करना भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
गौरतलब है कि बॉनी ब्लू इससे पहले भी कई देशों में विवादों के कारण कार्रवाई झेल चुकी हैं। ऑस्ट्रेलिया में उनका वीजा उस समय रद्द किया गया था, जब उन पर स्कूल अवकाश के दौरान युवाओं से जुड़े एडल्ट कंटेंट की योजना बनाने का आरोप लगा। वहीं, फिजी सरकार ने उन्हें “प्रतिबंधित प्रवासी” घोषित कर देश से निष्कासित कर दिया था।
बाली की यह घटना इंडोनेशिया की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें विदेशी पर्यटकों और इन्फ्लुएंसर्स के अनुचित आचरण के प्रति सख्त रुख अपनाया जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में कई विदेशी नागरिकों को स्थानीय कानूनों और सांस्कृतिक मानदंडों का उल्लंघन करने पर डिपोर्ट किया गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि पर्यटन के नाम पर नियमों की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।










