जयपुर। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 के दौरान खिलाड़ियों की सेहत और फिटनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेहत साथी फ़ाउंडेशन को आधिकारिक फिज़ियो पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल आयोजन में देशभर से 5000 से अधिक एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। 24 विभिन्न खेलों की प्रतिस्पर्धाएं 7 शहरों के 13 स्थलों पर 12 दिनों तक आयोजित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों की चिकित्सा और फिजियोथेरेपी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 36 से अधिक अनुभवी स्पोर्ट्स फिज़ियोथेरेपिस्टों की टीम तैनात की गई है।

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को उच्च स्तर की मेडिकल सहायता, त्वरित चोट प्रबंधन और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेहत साथी फ़ाउंडेशन लगातार मैदान पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। फिज़ियोथेरेपिस्ट खिलाड़ियों की मांसपेशीय चोटों, स्प्रेन-स्ट्रेन, ओवरयूज़ इंजरी और मैच के दौरान उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों में तत्काल उपचार प्रदान कर रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को खेल से बाहर होने से बचाया जा सके।
इस अवसर पर डॉ. अविनाश सैनी ने कहा कि आधुनिक खेलों में फिजियोथेरेपी अब केवल इलाज तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह खिलाड़ी की फिटनेस, रिकवरी और परफॉर्मेंस एनहांसमेंट का एक अहम आधार बन चुकी है। उन्होंने बताया कि बेहतर खेल वातावरण और सुरक्षित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक और प्रोफेशनल दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, इसी सोच के तहत संस्था ने विशेषज्ञ फिज़ियोथेरेपिस्टों की मजबूत टीम मैदान में उतारी है।
खिलाड़ियों और कोचों ने भी सेहत साथी फ़ाउंडेशन की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि मैदान पर तुरंत उपचार मिलने से न केवल खेल बाधित होने से बचता है, बल्कि चोट के गंभीर रूप लेने की संभावना भी कम हो जाती है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पूरे फोकस के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों को ऑन-फ़ील्ड इंजरी मैनेजमेंट, रिकवरी सपोर्ट और समग्र खेल चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सेहत साथी फ़ाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल आयोजनों में गुणवत्तापूर्ण स्पोर्ट्स फिजियो सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।










