जयपुर, 2 दिसंबर 2025। राजस्थान सरकार 10 दिसंबर को JECC, जयपुर में होने वाले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ के दौरान खनिज क्षेत्र पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में होने वाला यह सत्र राज्य के क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं को राष्ट्रीय दृष्टिकोण से परखने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में राजस्थान की भूमिका पर केंद्रित रहेगा। सत्र का मुख्य विषय है— ‘आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राजस्थान के क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं को अनलॉक करना’।
इस सत्र में देश के खनिज, उद्योग, अकादमिक और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञ भाग लेंगे।
GSI के डायरेक्टर संजय सिंह राजस्थान के क्रिटिकल मिनरल्स, भूगर्भीय क्षमता और हाल में हुई नई खोजों पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। वे राज्य में खनिज अन्वेषण के लिए उभरते अवसरों की भी जानकारी साझा करेंगे।
IIT हैदराबाद के डायरेक्टर डॉ. बी.एस. मूर्ति उद्योग–सरकार–अकादमिक जगत के सहयोग मॉडल पर अपने विचार रखेंगे। उनका फोकस इस बात पर रहेगा कि धातु आधारित उद्योगों में नवाचार की गति बढ़ाकर भारत कैसे आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
राजस्थान फाउंडेशन ओडिशा चैप्टर के अध्यक्ष एवं जे मिनरल्स के एमडी अजय अग्रवाल इस क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका और निवेश के नए अवसरों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
इसी क्रम में, IREL (इंडिया) लिमिटेड के डायरेक्टर रजनीश अरविंद खाले क्रिटिकल मिनरल्स के उत्खनन और प्रोसेसिंग तकनीकों पर जानकारी देंगे।
वहीं IIT (IISM) धनबाद के डिप्टी डायरेक्टर एवं टेक्समिन हब के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. धीरज कुमार पुराने डंपिंग यार्ड में मौजूद क्रिटिकल मिनरल तत्वों पर किए गए शोध और भविष्य की संभावनाओं को साझा करेंगे।
विशेष सत्र में एक विशेषज्ञ पैनल भी शामिल होगा, जिसका विषय है— “क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानियों के लिए निवेश अवसर”।
पैनल में शामिल होंगे—
• टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव, खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग
• डॉ. रंजीत रथ, मैनेजिंग डायरेक्टर, ऑयल इंडिया लिमिटेड
• किशोर कुमार, सीओओ, हिंदुस्तान जिंक
• संजय सिंह, डायरेक्टर, GSI
• डॉ. धीरज कुमार, IIT (IISM) धनबाद
• विक्रम गोलचा, पूर्व अध्यक्ष, CII
• अक्षयदीप माथुर, सेक्रेटरी जनरल, फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन्स ऑफ राजस्थान
इस सत्र का उद्देश्य राजस्थान की खनिज क्षमता, तकनीकी प्रगति और संसाधनों के सदुपयोग के जरिए राज्य को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। सरकार का मानना है कि यह विमर्श राज्य के विकास, निवेश के नए अवसरों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को मजबूत दिशा देगा।










