हिंदू रीति रिवाज से क्यों किया गया अंतिम संस्कार?

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पति मुस्लिम, पत्नी पारसी, हिंदू रीति रिवाज से क्यों किया गया अंतिम संस्कार?

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय खान की पत्नी और एक्टर जायद खान और ऋतिक रोशन की एक्स वाइफ सुजैन खान की मां जरीन खान का 7 नवंबर को निधन हो गया. उन्हें उम्र से संबधी समस्याओं के चलते हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली. इसके चलते बीते दिन जरीन खान का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें ऋतिक रोशन, जैकी श्रॉफ और बॉबी देओल के अलावा गौरी खान जैसे सितारे शामिल हुए. लेकिन फैंस के मन में अंतिम संस्कार का वीडियो देखकर कुछ सवाल खड़े हो गए. दरअसल, जरीन खान का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से किया गया. इसके चलते लोग यह सोच रहे हैं कि ऐसा क्यों किया गया.

जो लोग नही जानते उन्हें बता दें कि संजय खान मुस्लिम हैं. जबकि जरीन खान पारसी थीं. इसके चलते उनका अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के हिसाब से अत्येष्टि में दोखमेनाशिनी से होना था. लेकिन इस परंपरा के अनुसार, व्यक्ति के शरीर को टावर ऑफ साइलेंस पर रखा जाता है और उसे गिद्ध खाते हैं. लेकिन अब ये प्रथा लगभग बंद हो चुकी है. इसके कारण अब अंतिम संस्कार या दफनाने की परंपरा को निभाया जाता है. निधन से पहले जरीन खान ने हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जाहिर की थी. इसका कारण यह था कि उनका परिवार का सरनेम कतरक था. इसके चलते उनका फेथ लाइफ में रहा और शादी के बाद भी उन्होंने इस्लाम कुबूल नहीं किया. इसीलिए जरीन खान की फैमिली और उनके बेटे जायद खान ने मां की आखिरी इच्छा को मानते हुए अंतिम संस्कार को हिंदू रीति रिवाज से किया.

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