( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
भोपाल प्रदेश के छह लाख से अधिक नियमित सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर सरकार की नजर है। सरकार ने इसके लिए एक समिति का गठन कर दिया है जो सरकारी दफ्तरों, निगम मंडलों और अन्य संस्थाओं के सार्वजनिक, सामान्य और ऐच्छिक अवकाशों की समीक्षा कर सरकार को रिपोर्ट देगी और इसके आधार पर कर्मचारियों को दिए जाने वाले अवकाश का नए सिरे से निर्धारण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक माह पहले गणेश चतुर्थी पर्व के पूर्व हुई कैबिनेट बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा था कि प्रदेश में जितने भी अवकाश दिए जा रहे हैं, उसका नए सिरे से निर्धारण किया जाए। इसके लिए सामान्य अवकाश, ऐच्छिक और अर्जित अवकाश सभी तरह के अवकाशों की कैटेगरी का रिव्यू किया जाए। साथ ही उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को यह भी निर्देश दिया था कि गणेश चतुर्थी को प्रदेश में सामान्य अवकाश घोषित किया जाए।
सीएम के निर्देश के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए एक समिति का गठन कर दिया है। बताया जाता है कि त्यौहारों के दौरान वर्ग विशेष को छुट्टी देने और धार्मिक आधार पर अवकाश का निर्धारण करने का निर्णय भी यह समिति ले सकती है। दीपावली, नवरात्र, ईद, क्रिसमस के त्यौहारों के आधार पर भी अवकाश निर्धारण हो सकता है।
अलग-अलग विभागों के अफसरों को किया शामिल
अवकाशों की समीक्षा के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस बार जो समिति गठित की गई है वह चार विभागों के सीनियर आईएएस अफसरों को मिलाकर बनी है जबकि इसके पहले होता यह था कि सिर्फ सामान्य प्रशासन विभाग ही इस मामले में फैसला कर लेता था। अब इस समिति में वित्त, राजस्व, गृह विभाग के भी सीनियर आईएएस अधिकारी शामिल किए गए हैं।
समिति में ये अधिकारी होंगे शामिल
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा चार सदस्यीय समिति का गठन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद किया गया है। इस समिति में अपर मुख्य सचिव स्तर के अफसरों को शामिल किया गया है। इसमें समिति के समन्वयक की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी गई है। यह जिम्मेदारी वर्तमान में संजय कुमार शुक्ल निभा रहे हैं।
वहीं अपर मुख्य सचिव गृह विभाग, अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग तथा अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग भी इस समिति के सदस्य बनाए गए हैं। वर्तमान में अपर मुख्य सचिव गृह की जिम्मेदारी शिवशेखर शुक्ला के पास है और एसीएस वित्त मनीष रस्तोगी हैं वहीं अपर मुख्य सचिव के बजाय राजस्व विभाग की कमान प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल के पास है।












