अंत्योदय पखवाड़ा योजना” से होगा ग़रीबी पर निर्णायक प्रहार: मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर भी बोला हमला
जयपुर, 5 जुलाई 2025 | उजाला दरपन ब्यूरो राजस्थान में सियासत का पारा चढ़ा हुआ है। एक ओर भजनलाल शर्मा सरकार अंत्योदय पखवाड़ा योजना जैसे जनकल्याणकारी अभियानों के ज़रिए आम जनता तक पहुँचने का प्रयास कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज़ हो गई है।
इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान राज्य सरकार की योजनाओं की उपलब्धियाँ गिनाईं और साथ ही कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं पर तीखे शब्दों में निशाना साधा।
“गहलोत जादूगर थे, लेकिन अब असली काम की ज़रूरत है”
मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा:
“गह
लोत जादूगर की तरह काम करते थे – दिखाते बहुत कुछ थे, करते कम थे। लेकिन अब राजस्थान को ज़मीन पर काम करने वाली सरकार मिल चुकी है। हमारी सरकार पाँच नहीं, बल्कि कई सालों तक चलेगी।”
राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी पलटवार किया। डोटासरा ने हाल ही में कहा था कि भाजपा सरकार सिर्फ पाँच साल के लिए आई है। इस पर राठौड़ ने कहा, “पाँच ही नहीं, अब राजस्थान में भाजपा की सरकार कई सालों तक टिकेगी। कांग्रेस को यह बात समझ लेनी चाहिए कि जनता अब काम देखती है, जादू नहीं।”
कांग्रेस को कहा – “पहले अपने ही परिवार को एक करें”
राठौड़ ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर करते हुए कहा:
“आज कांग्रेस की हालत ये है कि उनके अपने नेता ही एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बोलते हैं। कभी गहलोत, डोटासरा के ख़िलाफ़ बयान देते हैं, तो कभी पायलट पर निशाना साधते हैं। ऐसे में पहले उन्हें अपना घर संभालना चाहिए।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब “एक परिवार की पार्टी” बन चुकी है और अगर वे सचमुच परिवारवाद से बाहर निकलना चाहते हैं तो पहले लोकतांत्रिक तरीके से संगठन चलाना सीखें।
भाजपा की योजनाओं से मिल रही जनता को राहत
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार की “अंत्योदय पखवाड़ा योजना” ग़रीबी उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करती है।
“कांग्रेस ने सिर्फ़ ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया, लेकिन हमने उस नारे को हकीकत में बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हमारी योजनाएँ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने के लिए हैं।”
राठौड़ ने यह भी कहा कि योजनाओं जैसे “वंदे गंगा हॉल संरक्षण योजना”, “एक पेड़ माँ के नाम”, और “अंत्योदय पखवाड़ा” केवल राजनीतिक घोषणाएँ नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी और प्रभावी योजनाएँ हैं।
“हम अनुशासित पार्टी हैं, पंच निष्ठा में विश्वास रखते हैं”
राठौड़ ने भाजपा की कार्यसंस्कृति को कांग्रेस से अलग बताते हुए कहा:
“हमारे यहाँ हर कार्यकर्ता को सम्मान मिलता है। किसी को मोर्चा दिया जाता है, किसी को जिला या प्रदेश की जिम्मेदारी। हम कार्यकर्ताओं के बीच दायित्वों को बदलते हैं, लेकिन महत्व सबका बराबर होता है। यही हमारी पार्टी की शक्ति है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है, जो “पंच निष्ठा” यानी राष्ट्र, पार्टी, संगठन, कार्यकर्ता और समाज के प्रति निष्ठा में विश्वास करती है।
डोटासरा, गहलोत और पायलट पर किया तीखा प्रहार
राठौड़ ने डोटासरा, गहलोत और पायलट के बीच जारी सियासी खींचतान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा:
“कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब उनका नेतृत्व ही तय नहीं है। केंद्रीय नेतृत्व ने पायलट को आगे बढ़ाया है, जिससे गहलोत असहज हैं। डोटासरा भी पायलट के भय से उलझे हुए बयान देते रहते हैं। कांग्रेस में परस्पर विरोधाभास इस कदर है कि जनता अब उनमें भरोसा नहीं करती।”
“हनुमान बेनीवाल नकारात्मक राजनीति करते हैं”
राठौड़ ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल पर भी कटाक्ष करते हुए कहा:
“बेनीवाल केवल भड़काऊ बयान देकर सुर्खियों में रहना चाहते हैं। उनकी राजनीति नकारात्मकता और उकसावे पर आधारित है। लेकिन राजस्थान की जनता अब जागरूक हो चुकी है, वह केवल विकास चाहती है।”
उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार की योजनाएँ और सकारात्मक सोच राज्य को नई दिशा दे रही हैं, जिसे जनता स्वयं महसूस कर रही है।
कांग्रेस पर “प्रायोजित घटनाओं” का आरोप
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राठौड़ ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ कहीं कोई अप्रिय घटना होती है, वह “प्रायोजित” होती है।
“कांग्रेस का इतिहास रहा है – माहौल को खराब करने का। वे हमेशा जनता को भड़काने का काम करते हैं। लेकिन भाजपा सरकार सजग है, सतर्क है और किसी भी तरह की अस्थिरता पैदा नहीं होने देगी। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।”
मदन राठौड़ के बयानों से साफ़ है कि भाजपा राजस्थान में लंबी पारी खेलने के मूड में है। उनकी प्राथमिकता योजनाओं को ज़मीन पर उतारने की है, और साथ ही विपक्ष को आईना दिखाने की भी। वहीं कांग्रेस अभी भी अपनी आंतरिक लड़ाई से जूझती दिख रही है।
राज्य की जनता को अब देखना है कि कौन-सी पार्टी वाकई में जनसेवा को प्राथमिकता देती है और कौन केवल सत्ता पाने की होड़ में लगी है।












