जयपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 115वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर इस कार्यक्रम का श्रवण किया, जहां राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न मुद्दों पर विचार रखे और कई महत्वपूर्ण संदेश दिए।
एकता के प्रतीक नायकों का स्मरण: सरदार पटेल और बिरसा मुंडा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में देश के महान नायक-नायिकाओं की जन्म जयंतियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने विशेष रूप से सरदार पटेल और बिरसा मुंडा के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 31 अक्टूबर से सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष और 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष मनाया जाएगा। उन्होंने इसे भारत की “अनेकता में एकता” को सशक्त बनाने का अवसर बताया और इस उत्सव को राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में मनाने का आह्वान किया।
डिजिटल सुरक्षा: जागरूकता और सतर्कता का संदेश
प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि आज डिजिटल फ्रॉड को रोकना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘रुको-सोचो-एक्शन’ जैसे तीन चरणों का जिक्र किया और बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसे कोई कानून नहीं है, और राज्य सरकारों के साथ मिलकर जांच एजेंसियां इन मामलों पर काम कर रही हैं। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना भी की गई है, ताकि साइबर फ्रॉड की रोकथाम में तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।
भारतीय संस्कृति का विश्वव्यापी आकर्षण
प्रधानमंत्री ने पेरू में भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य के प्रशिक्षण का उदाहरण देते हुए भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर के लोग भारत और उसकी संस्कृति को जानना चाहते हैं। उन्होंने देशवासियों से अपने आसपास की ऐसी सांस्कृतिक पहलों को साझा करने की अपील की, जिससे भारतीय संस्कृति और समृद्ध हो।
आत्मनिर्भर भारत से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को न केवल नीति का बल्कि देश का पैशन बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने भारत को हर क्षेत्र में मजबूत बनाया है और “मेक इन इंडिया” को “मेक फॉर द वर्ल्ड” का रूप दे दिया है। उन्होंने देश को इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए भी संकल्पित होने का आह्वान किया।
त्योहारों पर ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान
प्रधानमंत्री ने आगामी धनतेरस, दीवाली, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं दीं और इन त्योहारों के दौरान ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों से खरीदारी करके हम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल देते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का समर्थन भी करते हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश: सकारात्मकता और प्रेरणा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम हमेशा ही प्रेरणादायक और सकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला होता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान में अपना योगदान दें।
प्रधानमंत्री के संदेश से स्पष्ट है कि आत्मनिर्भरता, भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रसार, और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दे सरकार के प्राथमिक एजेंडे में हैं।











