आंगनवाड़ी भर्ती पर उठे सवाल, वायरल वीडियो में नोटों की गिनती से मचा हड़कंप
कमरे में नोटों की गड्डियां और भर्ती से जुड़ी बातचीत का दावा, SDM-तहसीलदार स्तर तक फाइल पहुंचने की चर्चा; जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
निवाड़ी। जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक महिला अधिकारी के नोटों की गिनती करते दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में मौजूद लोगों के बीच आंगनवाड़ी भर्ती, फाइलों और अधिकारियों के स्तर पर प्रक्रिया को लेकर बातचीत होने की बात भी सामने आ रही है।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान मनीषा झा के रूप में बताई जा रही है, जो महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक पद पर कार्यरत होने के साथ वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक बताई गई हैं। बताया जा रहा है कि आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जिम्मेदारी भी उनके पास थी।
नोटों की गिनती ने बढ़ाई चर्चा
वीडियो में ₹500 के नोटों की गिनती किए जाने का दावा सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कमरे में इतनी नकदी किस उद्देश्य से मौजूद थी और उसका भर्ती प्रक्रिया से कोई संबंध था या नहीं। वीडियो में कथित बातचीत में SDM और तहसीलदार स्तर तक फाइल चलने तथा पंचायत विभाग से संबंधित चर्चा का भी उल्लेख होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, सिर्फ वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति पर भ्रष्टाचार का आरोप प्रमाणित नहीं माना जा सकता। नकदी का स्रोत, उसका उद्देश्य और भर्ती प्रक्रिया से उसका संबंध जांच का विषय है।
जांच से सामने आएगा सच
मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यदि वीडियो वास्तविक और संबंधित प्रक्रिया से जुड़ा पाया जाता है तो भर्ती से जुड़े दस्तावेज, फाइलों की आवाजाही, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा नकदी के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण होगी।
अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि का आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं और भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार हुई अथवा नहीं।










