सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्ती, C-D ग्रेड वाले विभागों पर जुर्माना
नर्मदापुरम। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही अब अधिकारियों को भारी पड़ेगी। समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों पर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए। C श्रेणी प्राप्त करने वाले विभागों पर 1,000 रुपए और D श्रेणी वाले विभागों पर 2,100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह राशि रेडक्रॉस सोसायटी में जमा कराई जाएगी।
समीक्षा के दौरान कृषि विभाग, एमपीयूडीसी, जेल, पेंशन तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक विभाग को D ग्रेड मिलने पर 2,100 रुपए तथा अनुसूचित जाति कल्याण और जल संसाधन विभाग को C श्रेणी मिलने पर 1,000 रुपए जमा कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों को लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बारिश में टूटी सड़कें तत्काल मोटरेबल हों
कलेक्टर ने जिले में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका सहित संबंधित निर्माण विभागों को निर्देश दिए गए कि क्षतिग्रस्त मार्गों को तत्काल मोटरेबल बनाया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
पचमढ़ी में निर्मित मार्गों की गुणवत्ता की जांच के लिए ईई पीडब्ल्यूडी को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने 10 दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अथवा निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिवृष्टि को लेकर प्रशासन अलर्ट
मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, पुल-पुलियों, रपटों और नदी-नालों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जहां पानी का बहाव अधिक हो, वहां तत्काल यातायात बंद कराने और आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आरबीसी 6(4) के अंतर्गत राहत प्रकरण लंबित नहीं रखने तथा वर्षा से जनहानि या संपत्ति क्षति होने पर प्रभावितों को तत्काल नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
जरूरत पड़ी तो स्कूलों में छुट्टी के निर्देश
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को बारिश की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। अत्यधिक वर्षा अथवा प्रतिकूल परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों में अवकाश के संबंध में तत्काल निर्णय लेने को कहा गया। प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए फसल क्षति का नियमानुसार आकलन कराने के निर्देश भी दिए गए।
कन्या छात्रावासों में अधिकारी करेंगे संवाद
कलेक्टर ने कन्या छात्रावासों और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। अधिकारियों को छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानने और आवश्यक समाधान कराने को कहा गया। रक्षाबंधन के अवसर पर कन्या छात्रावासों एवं विद्यालयों में छात्राओं के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाने तथा महिला अधिकारियों को भी छात्रावासों का भ्रमण कर छात्राओं से संवाद करने के निर्देश दिए गए।
अटके निर्माण कार्यों पर मांगी रिपोर्ट
बैठक में स्वीकृति के बाद भी शुरू नहीं हुए निर्माण कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। संबंधित विभागों से कार्य शुरू नहीं होने का कारण सहित रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने फार्मर आईडी निर्माण कार्य को कैंपिंग मोड में संचालित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टरवार और हलकावार कार्य विभाजित कर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










