पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों से महाकौशल को बड़ी सौगात, जबलपुर में खुलेगा इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय

---Advertisement---

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों से महाकौशल को बड़ी सौगात, जबलपुर में खुलेगा इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय

 

महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कॉलेज होंगे शामिल

 

जबलपुर। महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के युवाओं के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। नई व्यवस्था के तहत जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के इंजीनियरिंग कॉलेजों को विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा।

 

इस निर्णय को क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगारपरक अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इसे महाकौशल के साथ-साथ विंध्य और बुंदेलखंड के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।

 

585 कॉलेजों का विश्वविद्यालय से होगा जुड़ाव

 

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रभाव तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई देगा। वर्तमान में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल से इंजीनियरिंग, फार्मेसी, डिप्लोमा और आर्किटेक्चर सहित कुल 13 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इनसे जुड़े 585 शासकीय एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय तकनीकी शिक्षण संस्थान वर्तमान में विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं।

 

इन संस्थानों में लगभग 3 लाख 83 हजार 798 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संबद्धता, पाठ्यक्रमों के निर्धारण और गुणवत्ता से जुड़े कार्य फिलहाल भोपाल स्थित विश्वविद्यालय से होते हैं, जिसके कारण कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं।

 

नई व्यवस्था के बाद जबलपुर, भोपाल और उज्जैन में विश्वविद्यालय से लोड डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे संबंधित संस्थानों और विद्यार्थियों को प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

 

क्षेत्रीय जरूरत के अनुसार तैयार होंगे पाठ्यक्रम

 

महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना है। क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से नए पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे।

 

स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप नई स्किल-बेस्ड शिक्षा विकसित करने के साथ तकनीकी संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा।

 

रोजगार के साथ स्वरोजगार और स्टार्टअप पर जोर

 

विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित रखने के बजाय स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

 

क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, शोध और नवाचार को बढ़ावा देकर जबलपुर को तकनीकी एवं कौशल शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

 

‘युवाओं के भविष्य की राह में अहम कदम’ : राकेश सिंह

 

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना जबलपुर को केवल एक विश्वविद्यालय नहीं दे रही, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला संस्थागत आधार तैयार कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि जबलपुर सहित पूरे महाकौशल क्षेत्र के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय है। प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में जो कदम उठा रही है, उनसे प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में नए अवसर पैदा होंगे।

 

जबलपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना से महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा अपने क्षेत्र में ही बेहतर संस्थागत व्यवस्था के साथ मिलने की उम्मीद है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment