गड़रा कांड: 88 दिन बाद पुलिस ने पेश किया चालान, अब तक 39 गिरफ्तार, 10 अब भी फरार

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गड़रा कांड: 88 दिन बाद पुलिस ने पेश किया चालान, अब तक 39 गिरफ्तार, 10 अब भी फरार

मध्यप्रदेश मऊगंज (रीवा)। शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत और पुलिस टीम पर हमले के चर्चित मामले में पुलिस ने 88 दिन बाद चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। अब तक 39 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें 35 जेल में बंद हैं, जबकि 4 नाबालिगों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। वहीं 10 आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।

क्या है पूरा मामला

15 मार्च को गड़रा गांव में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया। इसी दौरान आरोपी बताए जा रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उग्र भीड़ ने हमला बोल दिया। इस हमले में ASI रामचरण गौतम की मौत हो गई और कई अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए।

घटना के बाद शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

गिरफ्तारी का सिलसिला

पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 35 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है, जबकि 4 नाबालिग आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। 10 आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।

गांव में फिर सन्नाटा, नई त्रासदी

घटना के करीब 20 दिन बाद इसी गांव के एक ही परिवार के तीन सदस्य — पिता औसेरी साकेत, बेटा अमन और बेटी मीनाक्षी — घर में फंदे से लटके मिले। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह हत्या है। इससे गांव में तनाव और भय का माहौल और गहरा गया है।

चालान पेश, जांच जारी

घटना के 88 दिन बाद पुलिस ने पूरी जांच के बाद चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। अब यह मामला न्यायालय के संज्ञान में है और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

कुल गिरफ्तार: 39

जेल में बंद: 35

नाबालिग जमानत पर: 4

फरार: 10

मौतें: 1 पुलिसकर्मी (ASI), 1 आरोपी की पीट-पीटकर हत्या, 1 ही परिवार के 3 सदस्य (संभावित आत्महत्या)

👉 “न्याय की उम्मीद के बीच गड़रा गांव आज भी सहमा हुआ है। लोगों की आंखों में डर और दिल में सवाल हैं – क्या उन्हें इंसाफ मिलेगा?”

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