(उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके)
भोपाल सांची ब्राण्ड के दूध और दुग्ध उत्पादों की शुद्धता की जांच उपभोक्ताओं के सामने आधुनिक उपकरणों से युक्त चल प्रयोगशाला के माध्यम से करने एक अभिनव पहल
भोपाल
राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) एमपी. स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल से संबद्ध भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्री प्रतीश जोशी के मार्गदर्शन व निर्देशन पर 07 जून 2025 से दूध का दूध और पानी का पानी अभियान के तहीत शुद्धता परीक्षण शिवकरों का आयेाजन किया जा रहा है। यह आयोजन सांची ब्राण्ड के दूध और दुग्ध उत्पादों की शुद्धता की जांच उपभोक्ताओं के सामने करने एक सराहनीय अभिनव पहल मानी जा रही है। आयोजित शिवरोें में उपभोक्ताओं के द्वारा उपयोग किए जा रहे सांची दूध एवं दुग्ध उत्पादों की शुद्धता की जांच उपभोकाओं के सामन की जाएगी ताकि उपभोक्ता जान सकें कि सांची दूध और दुग्ध उत्पाद कितना शुद्ध और गुणवत्तापूण है।
अभियान का पहला चरण शनिवार से होगा प्रारंभ
अभियान के प्रथम चरण में शुद्धता परीक्षण शिविर का आयोजन पहले दिन शनिवार 07 जून 2025 को फॉर्चून सिग्नेचर सोसाइटी और इंडस गार्डन, रोहित नगर में तथा रविवार 08 जून 2025 को आकृति इकोसिटी रोहित नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी तरह आगामी दिनों में साकेत नगर कटारा, सागर रायवेला, स्प्रिंग वैली, अमृत नगर, शिवाय कांपलेक्स गुलमोहर कॉलोनी, नीरज नगर, सर्वधर्म कॉलोनी, घरौंदा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, लालघाटी, संजीव नगर, कोहेफिजा, पुलिस कंट्रोल रूम और गिरधर परिसर में भी यह अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान में इन कॉलोनियों के निवासी दूध एवं दुग्ध उत्पादों का परीक्षण अपने समक्ष करा सकते हैं।
उपभोक्ताओं को दी जाएगी प्रारंभिक गुणवत्ता की जानकारी
इस अभियान में उपभोक्ताओं द्वारा नियमित रूप से उपभोग किए जाने वाले सांची दूध और दुग्ध उत्पाद जैसे घी, पनीर एवं दही का परीक्षण विशेष रूप से तैयार एवं आधुनिक उपकरणों से युक्त चल प्रयोगशाला के माध्यम से उपभोक्ताओं के समक्ष किया जाएगा। इन जांचों में दूध में फैट, एसएनएफ, प्रोटीन, लैक्टोज, पानी, यूरिया, सुक्रोज, ग्लूकोस, नमक, वेजिटेबल स्टार्च, न्यूट्रलाइजर, ऑयल तथा अमोनियम सल्फेट की संदिग्धता की जांच की जाएगी। पनीर में स्टार्च तथा दही में स्टार्च, ग्लूकोज, सुक्रोज, यूरिया एवं माल्टीज की संदिग्धता का भी परीक्षण किया जाएगा। इसी तरह घी की प्रारंभिक गुणवत्ता की जानकारी भी तत्समय ही उपभोक्ताओं को दी जाएगी तथा संदिग्ध पाए जाने पर विस्तृत जानकारी 48 घंटे के अंदर व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित उपभोक्ता को दी जावेगी।












