जबलपुर। एक तरफ, सरकार कानून व्यवस्था मजबूत करने के दावे करती है, दूसरी तरफ जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में धोखेबाजों का गैंग खुलेआम एक आम नागरिक को लूट कर धमकी देता है और थाना में शिकायत के बाद भी चुपचाप तमाशा देखा जा रहा है।
पनागर निवासी आशीष कुमार प्रजापति ने बताया कि 30 अप्रैल 2023 को 20 लाख रुपये में धनवंतरी नगर स्थित 18 वर्ग मीटर की दुकान खरीदने के लिए विपिन लोधी, दिनेश लोधी और राजेश लोधी से रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया। 13 लाख रुपये RTGS से दिए गए, बाकी 7 लाख रुपये किस्तों में देने की शर्त पर रजिस्ट्री होनी थी. लेकिन रजिस्ट्री आज तक नहीं हुई, और न ही पैसे लौटाए गए। इसके उलट, जब आशीष ने न्याय की मांग की तो खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई।

पुलिस की भूमि
का सवालों के घेरे में
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय थाना संजीवनी नगर के थाना प्रभारी बी. डी द्विवेदी और धनवंतरी पुलिस चौकी के SI दिनेश गौतम ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत भी वापस लेने को मजबूर किया गया। आज तक कोई निराकरण नहीं, कोई पूछताछ नहीं – सिर्फ आश्वासन और झूठे वादे।
क्या अब थाना अपराधियों के लिए काम कर रहा है?
ये वही पुलिस है जो आम आदमी की सुरक्षा का दावा करती है, लेकिन जब सवाल किसी रसूखदार के खिलाफ उठे, तो पूरा थाना लाचार दिखता है।
प्रश्न वही हैं जो हर पीड़ित पूछ रहा है:
1. जब रजिस्टर्ड एग्रीमेंट और बैंक भुगतान का रिकॉर्ड है, तो कार्यवाही क्यों नहीं?
2. क्या थाना प्रभारी आरोपियों के इशारे पर काम कर रहे हैं?
3. शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं – क्या संजीवनी नगर थाना अब अपराधियों की ढाल बन चुका है?
कहना है कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे सुसाइड कर लेंगे, क्योंकि बैंक वाले मुझे परेशान करते है।
अब पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तय करना है – क्या हमारा थाना आम जनता के लिए है या रसूखदार अपराधियों की पनाहगाह बन चुका है?













