कार्यकर्ता का जीवन तप और त्यागमय होना चाहिए : हनुमंत राव
विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा जबलपुर द्वारा “विमर्श कार्यक्रम” का आयोजन किया गया । संगठन की शक्ति: कार्यकर्ता विषय पर आयोजित व्याख्यान में जबलपुर नगर के विविध सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता शामिल हुए । मुख्यवक्ता श्री हनुमंत राव, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी ने अपने उद्बोधन में कहा मनुष्य का अस्तित्व अकेले कुछ नहीं है, उसके विकास में संगठित शक्तियों का योगदान होता है । जैसे किसी संतान के जन्म का कारण सिर्फ मां-बाप नही हो सकते बल्कि जब एक कण बीज मां के गर्भ में आकार लेता है तो कई शक्तियां एक साथ कार्य करती है । तब जाकर जन्म के समय मनुष्य का स्वरूप तैयार होता है। सनातन धर्म व्यष्टि से समष्टि की बात करता है। व्यक्ति का सच्चा आनंद स्वयं की स्वार्थ पूर्ति में नहीं बल्कि समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने में है। अत: सच्चा कार्यकर्ता वह होता है जो स्वयं के व्यक्तित्व विकास के लिए कार्य नही करता अपितु निस्वार्थ भाव से संगठन के विकास के लिए अपनी पूरी शक्ति से कार्य करता है इस कारण से कार्यकर्ता ही संगठन की शक्ति कहलाता है। मुख्य अतिथि श्री नरेश ग्रोवर ने बताया कि हिन्दू समाज संगठित रूप में कार्य करने की प्रेरणा देता है अतः सामूहिक भावना से राष्ट्र करें तो अच्छे परिणाम आते है ।
विवेकानंद केंद्र जबलपुर के विभाग संचालक मान. डॉ. अखिलेश गुमास्ता जी ने विभिन्न संगठनों से आए प्रतिनिधियों व सम्माननीयजनों का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम में आरोग्य भारती, संस्कार भारती, मयूर मेमोरियल, कदम संस्था, श्रेष्ठ उपहार फाउंडेशन, श्रीधरा फाउंडेशन, मानव उत्थान समिति के प्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन डॉ. वाय एम दुबे ने किया । विवेकानन्द केन्द्र की ओर से नगर प्रमुख अनिकेत गोरिया, सह नगर प्रमुख इंद्रजीत चव्हाण, अभिमन्यु सिंह, राजीव राय, नवीन शिवा आदि उपस्थित रहे ।













