जयपुर, राजस्थान: सेहत साथी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित इम्पल्स इंटरनेशनल स्पोर्ट्स रिहैबकॉन 2025 – सीजन 3 का आयोजन विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (VGU), जयपुर में भव्यता से संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में पूरे भारत से 500 से अधिक फिजियोथेरेपिस्ट और खेल विशेषज्ञों ने भाग लिया। खेल रिहैब और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में यह आयोजन मील का पत्थर साबित हुआ, जहां विशेषज्ञों ने खेल चोट प्रबंधन और पुनर्वास (रिहैब) के क्षेत्र में अपने ज्ञान, नवीनतम नवाचारों और प्रगति को साझा किया।

सम्मेलन का उद्देश्य और प्रमुख विषय
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खेल विज्ञान और फिजियोथेरेपी के नवीनतम आयामों पर विचार-विमर्श करना था। इस आयोजन के माध्यम से खेल चोटों के प्रभावी उपचार, एथलीटों की रिकवरी, पुनर्वास तकनीकों और प्रदर्शन सुधार पर विशेषज्ञों द्वारा गहन चर्चा की गई। सम्मेलन ने शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और प्रशिक्षकों को एक साझा मंच पर लाकर खेल जगत को नए दृष्टिकोण और अत्याधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।
सम्मेलन में विशेषज्ञों की भागीदारी
डॉ. अविनाश सैनी, जो कि खेल विज्ञान और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अग्रणी नाम हैं, ने बताया कि इस सम्मेलन में देश के नामचीन फिजियोथेरेपिस्ट, खेल विशेषज्ञ, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर और शोधकर्ता शामिल हुए। प्रतिभागियों ने कार्यशालाओं, व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों और गहन चर्चाओं में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलनों से एथलीटों को विश्वस्तरीय पुनर्वास और उपचार तकनीकों का लाभ मिलता है।
डॉ. नेहा सैनी ने बताया कि मुख्य वक्ताओं ने आधुनिक खेल विज्ञान में फिजियोथेरेपी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “ऐसे सम्मेलन अनुसंधान और नैदानिक अभ्यास के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं, जिससे एथलीटों को विश्व स्तरीय पुनर्वास प्राप्त होता है।”
प्रमुख सत्र और कार्यशालाएँ
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- खेल चोट प्रबंधन और पुनर्वास तकनीक – इस सत्र में बताया गया कि विभिन्न प्रकार की खेल चोटों का इलाज कैसे किया जाए और रिकवरी के लिए कौन-कौन सी नई तकनीकें प्रभावी हो सकती हैं।
- स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस और रिकवरी – इस कार्यशाला में उन आधुनिक उपकरणों और विधियों पर चर्चा की गई, जिनसे एथलीटों की परफॉर्मेंस को बढ़ाया जा सकता है।
- फिजियोथेरेपी में नवाचार – इसमें फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान और तकनीकों पर चर्चा की गई।
- स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और हेल्थकेयर – खिलाड़ियों के आहार और पोषण पर केंद्रित इस सत्र में बताया गया कि किस प्रकार संतुलित पोषण एथलीटों के प्रदर्शन को बढ़ा सकता है।
उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ और उनके विचार
सम्मेलन में देशभर के शीर्ष चिकित्सा और खेल विज्ञान विशेषज्ञ उपस्थित थे।
- प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. आदित्य शर्मा ने कहा कि “खेल रिहैब क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक आयोजन है, जो खिलाड़ियों की रिकवरी को बेहतर बनाने में सहायक होगा।”
- खेल वैज्ञानिक डॉ. अमन गुप्ता ने अपनी प्रस्तुति में नवीनतम पुनर्वास तकनीकों और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल पर चर्चा की।
- वरिष्ठ प्रशिक्षक डॉ. रश्मि वर्मा ने फिजियोथेरेपी और योग के संयोजन से खिलाड़ियों के संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाया।
सम्मेलन में नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में कई अत्याधुनिक पुनर्वास तकनीकों और पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें प्रमुख थे:
- 3D मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी – जो खिलाड़ियों की गतिविधियों का सटीक विश्लेषण करके उनकी परफॉर्मेंस सुधारने में मदद करती है।
- शॉक वेव थेरेपी – जो खेल चोटों के तेजी से उपचार में उपयोगी है।
- रोबोटिक फिजियोथेरेपी तकनीक – जिससे न्यूरोमस्कुलर रिकवरी तेज होती है।
- AI-बेस्ड रिकवरी ट्रैकिंग सिस्टम – जो खिलाड़ियों की रिकवरी की निगरानी करने और उनके सुधार की गति को समझने में सहायक है।
एथलीटों और प्रशिक्षकों के लिए लाभ
इस कार्यक्रम ने न केवल फिजियोथेरेपिस्ट और स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों को ज्ञानवर्धक अनुभव दिया, बल्कि इसमें उपस्थित एथलीटों, प्रशिक्षकों और खेल संगठनों को भी अत्यधिक लाभ हुआ। नवीनतम तकनीकों और पद्धतियों से उन्हें अपने खेल प्रदर्शन को सुधारने और तेजी से रिकवरी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
सम्मेलन का समापन और भविष्य की योजनाएँ
इस सम्मेलन का समापन बेहद शानदार तरीके से हुआ। सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने इसे खेल रिहैब और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सराहा।
आयोजकों ने घोषणा की कि अगला संस्करण इम्पल्स इंटरनेशनल स्पोर्ट्स रिहैबकॉन 2026 और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और नई तकनीकों को जोड़ा जाएगा।










