ऑस्कर की दौड़ से बाहर हुई ‘लापता लेडीज’, मर्डर मिस्ट्री ‘संतोष’ ने बनाई जगह

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आमिर खान फिल्म्स की ‘लापता लेडीज’ हुई बाहर

किरण राव द्वारा निर्देशित और आमिर खान फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘लापता लेडीज’ (Lost Ladies) को 97वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भारत की ओर से बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नामांकित किया गया था। लेकिन अब यह फिल्म इस प्रतिष्ठित कैटेगरी की रेस से बाहर हो गई है।

ऑस्कर में सिलेक्ट हुई ‘संतोष’

‘लापता लेडीज’ के बाहर होने के बाद, मर्डर मिस्ट्री पर आधारित फिल्म ‘संतोष’ ने बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में जगह बना ली है। इस साल दुनियाभर में इस कैटेगरी के लिए कुल 15 फिल्में चुनी गई हैं।

‘संतोष’ की कहानी

फिल्म ‘संतोष’ की कहानी 28 साल की एक विधवा महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे उसके पति की मौत के बाद पुलिस की नौकरी मिलती है। पुलिस ऑफिसर बनने के बाद, उसे एक युवा लड़की के मर्डर केस की जांच करने का जिम्मा सौंपा जाता है।
फिल्म की कहानी को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया है। ‘संतोष’ सामाजिक मुद्दों, जेंडर स्टीरियोटाइप्स और न्याय की जटिलताओं को दर्शाने के लिए एक गहरी और रोमांचक मर्डर मिस्ट्री के रूप में उभरती है।

निर्देशन और कलाकार

इस फिल्म का निर्देशन संध्या सूरी ने किया है, जो खुद ही इसकी कहानी की लेखिका भी हैं। फिल्म में शामिल कलाकारों की सूची में शामिल हैं:

  • शहाना गोस्वामी
  • सुनीता रजवार
  • संजय विश्नोई
  • कुशल दुबे
  • प्रतिभा अवस्थी

इन सभी कलाकारों ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से फिल्म को जीवंत बनाया है।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की धूम

फिल्म ‘संतोष’ को सबसे पहले इस साल के कान्स फिल्म फेस्टिवल में रिलीज़ किया गया था। वहां इसे आलोचकों और दर्शकों से जबरदस्त प्रशंसा मिली। फिल्म की रियल लोकेशंस, सशक्त स्क्रिप्ट और मजबूत निर्देशन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक पहचान दिलाई।

IMDb पर 7.2 रेटिंग

फिल्म को IMDb पर 7.2 की उच्च रेटिंग मिली है, जो इसके दर्शकों और समीक्षकों द्वारा पसंद किए जाने का संकेत है।

ऑस्कर में ब्रिटेन की ओर से नॉमिनेट

दिलचस्प बात यह है कि ‘संतोष’ को ऑस्कर में ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) की ओर से नॉमिनेट किया गया है। यह फिल्म भारतीय जड़ों की कहानी होने के बावजूद यूके का प्रतिनिधित्व कर रही है।

‘लापता लेडीज’ की रेस से बाहर होने का कारण

हालांकि ‘लापता लेडीज’ का प्लॉट और निर्देशन भी सराहनीय था, लेकिन यह ऑस्कर की दौड़ में जगह नहीं बना पाई। इसकी तुलना में ‘संतोष’ ने कहानी और प्रस्तुति के मामले में जूरी का ध्यान अधिक आकर्षित किया।

निष्कर्ष

अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि ‘संतोष’ ऑस्कर में कैसा प्रदर्शन करती है। क्या यह फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का खिताब जीतकर भारतीय सिनेमा का नाम रौशन करेगी? इसके लिए हमें ऑस्कर 2024 के नतीजों का इंतजार करना होगा।

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