क्यों होता है आखिर टायर काला और स्कूल बस पीली ?

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बचपन से बड़े होते हुए हमने कई सारी चीजों को बदलते हुए देखा है. हमने ऐसी भी चीजें देखी हैं, जिनके रंग हमेशा एक से रहे हैं. तो आज उसके बारे में हम जानते है आखिर इसके पीछे की वजह क्या है.

स्कूल बस का रंग पीला-काला होता है. इसके पीछे का कारण सुरक्षा से जुड़ा है. अंधेरे में भी यह रंग दूर से ही दिख जाता है. वहीं सर्दी के मौसम में जब कुहासा, धुंध वगैरह होती है तो भी बच्चों को यह आसानी से दिख जाता है.
बात करें टॉयलेट पेपर की तो ब्लीच के कारण इसका रंग सफेद होता है. ऐसा न हो तो यह भूरे रंग का हो सकता है. हालांकि कुछ कंपनियां कलर्ड टॉयलेट पेपर भी बेचती हैं, लेकिन सफेद की अपेक्षा यह महंगा होता है. रंगहीन यानी सफेद होने के कारण टॉयलेट पेपर आसानी से गल भी जाता है.
व्हीकल कोई भी हो टायर्स का रंग काला होने के पीछे इसकी मजबूती है. दरअसल, टायर्स रबड़ से बनते हैं और सफेद भी रह सकते हैं, लेकिन इनका मजबूत और टिकाऊ होना बहुत जरूरी है, ऐसे में इन्हें टिकाऊ और मजबूत बनाने के लिए रबड़ में Carbon Black मिलाया जाता है. इसलिए इनका रंग काला होता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म: Facebook, Twitter जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नीले रंग के होते हैं. हालांकि इंस्टाग्राम लाल-पीला-ब्‍लू मिक्‍स, जबकि कू(Koo) पीले रंग का है. लेकिन ज्यादातर सोशल ऐप में नीले रंग के पीछे खास कारण है. नीले रंग को मन और बुद्धि से संबंधित बताया जाता है. सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक माना जाने वाला ब्लू रंग कम्यूनिकेशन की प्रक्रिया से भी जुड़ा है.

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