डॉ. अलकेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में ‘जनसेवा सृजन संवाद’, विद्यार्थियों को कानून और नागरिक कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक
पुलिस एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल, साइबर सुरक्षा, नागरिक अधिकारों और सामाजिक उत्तरदायित्व पर हुआ संवाद
जबलपुर, 29 अक्टूबर। जागरूक युवा, सुरक्षित समाज और जिम्मेदार नागरिकता के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (पीएमसीओई), जबलपुर के प्रेक्षागृह में ‘जनसेवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा एवं शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने की। शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय तथा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री संपत उपाध्याय (भा.पु.से.), शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत सैलेट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती अनु बेनीवाल (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-5 सुश्री अंजना तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री सोनू कुर्मी, नगर पुलिस अधीक्षक आधारताल श्रीमती राजेश्वरी कौरव तथा रक्षित निरीक्षक श्री जयप्रकाश आर्य सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
संवाद सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सामाजिक सुरक्षा, न्याय व्यवस्था, भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, साइबर सुरक्षा तथा आपातकालीन सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, कानून का पालन करने और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं का उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों की जानकारी रखने के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में पुलिस और युवा वर्ग के बीच बेहतर संवाद, विश्वास तथा समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर रहा।
डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने जिम्मेदार नागरिकता पर दिया जोर
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में ऐसे आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा के साथ सामाजिक चेतना, अनुशासन, संवेदनशीलता और नागरिक कर्तव्यों की समझ विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत सैलेट ने भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सजग, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
सुश्री अंजना तिवारी की रही आयोजन एवं समन्वय में विशेष भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-5 सुश्री अंजना तिवारी की विशेष भूमिका रही। उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), रेडक्रॉस समिति एवं स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयासों से किया गया। इस अवसर पर दोनों महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण, संबंधित समितियों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. रानू रहंगडाले, डॉ. महेंद्र कुशवाहा, डॉ. अजय ठाकुर, डॉ. अनिल बिंजिया, डॉ. मुकेश एवं डॉ. रचना सांचा सहित दोनों महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और आयोजन समितियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन भूगोल विभाग की प्राध्यापक एवं रेडक्रॉस समिति की सह-संयोजक डॉ. रानू रहंगडाले ने किया।
सुरक्षित समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का संदेश
‘जनसेवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं पुलिस विभाग के बीच सार्थक संवाद का माध्यम बना। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को समझने तथा सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा दी गई।
दोनों महाविद्यालयों, पुलिस विभाग के अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पहल ने सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया।










