जोन क्रमांक-9 लालमाटी में 10 बजे के बजाय 10:40 बजे के बाद आने लगे कर्मचारी, जनता परेशान, बिगड़ी कार्यालयों की समय-सारिणी
एक तरफ मध्य प्रदेशके मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है किप्रदेश की जनता को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो। वही जोन 9 में भर्राशाही चरम पर है।
संभागीय अधिकारी दांगी का कहना —‘कार्यालय में कर्मचारी 11 बजे तक आते होंगे ’; उजला दर्पण टीम के सवाल पर कर्मचारियों को समय पर आने के लिए अलर्ट करने की बात कही
उजला दर्पण समाचार | जबलपुर
जबलपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-9 लालमाटी में कार्यालयीन समय को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम के पूर्व आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के कार्यकाल में जहां कार्यालयों के समय पर खुलने की व्यवस्था दिखाई देती थी, वहीं अब कर्मचारियों की कथित लेटलतीफी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या आयुक्त के जाने के बाद कार्यालयीन अनुशासन प्रभावित हो रहा है? क्या आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ेगा?
सुबह 10 बजे कार्यालयीन समय, लेकिन कर्मचारी 10:40 बजे के बाद पहुंचना शुरू!
उजला दर्पण समाचार पत्र की टीम पिछले कई दिनों से जोन क्रमांक-9 लालमाटी के कार्यालयीन कामकाज पर नजर रख रही थी। इसी क्रम में आज टीम सुबह 10 बजे से 11 बजे तक मौके पर मौजूद रही और कार्यालयों की स्थिति का जायजा लिया। टीम के अनुसार, सुबह 10 बजे निर्धारित समय पर कार्यालयीन गतिविधियां अपेक्षित रूप से शुरू नहीं हुईं और सुबह 10:40 बजे के बाद कर्मचारियों का आना शुरू हुआ।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से है, तो कर्मचारियों के पहुंचने में देरी क्यों हो रही है? यदि आम नागरिक अपने राजस्व संबंधी कार्य, नामांतरण और अन्य जरूरी मामलों के लिए निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सामना क्यों करना पड़े?
फोन पर संभागीय अधिकारी दांगी से हुई बात, पहले बताया 11 बजे तक आते होंगे कर्मचारी।
इस संबंध में उजला दर्पण की टीम ने जोन क्रमांक-9 के संभागीय अधिकारी श्री दांगी से फोन पर चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय सुबह 11 बजे तक कर्मचारी आते हैं। जब उन्हें बताया गया कि समाचार पत्र की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी जुटा रही है, तो उन्होंने कर्मचारियों को समय पर आने के लिए अलर्ट करने की बात कही।
यहां महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यदि कार्यालय का निर्धारित समय सुबह 10 बजे है, तो फिर 11 बजे तक कार्यालय में कर्मचारी पहुंचने की बात क्यों कही जा रही है? क्या जोन कार्यालय में कार्यालयीन समय को लेकर कोई अलग व्यवस्था है, या फिर नियमों के पालन में लापरवाही बरती जा रही है? इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राजस्व और नामांतरण संबंधी कामकाज पर भी सवाल
जोन कार्यालय में राजस्व संबंधी कार्यों और नामांतरण से जुड़े मामलों के लिए आने वाले नागरिकों को समय पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध नहीं होते, तो उनकी परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। जनता अपने जरूरी काम छोड़कर कार्यालय पहुंचती है, लेकिन यदि निर्धारित समय पर कार्यालयीन कामकाज शुरू नहीं होता, तो जवाबदेही किसकी होगी?
नवागत आयुक्त अग्रिम कुमार क्या इस मामले को लेंगे संज्ञान में
अब सबसे बड़ा सवाल नगर निगम के नवागत आयुक्त श्री अग्रिम कुमार से है। क्या वे जोन क्रमांक-9 लालमाटी में कार्यालयीन समय की जांच कराएंगे? क्या कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यालय खुलने के समय की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी? और क्या आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी होंगे?
उजला दर्पण समाचार पत्र का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदार प्रशासन तक पहुंचाना है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जोन कार्यालय में समयपालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।










