महिला पटवारी ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए

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जबलपुर | कुंडम तहसील में पटवारियों की हड़ताल के बीच एक महिला पटवारी ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला पटवारी इशिका सोलंकी ने शनिवार को पटवारी संघ के साथ कुंडम थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने शिकायत में बताया कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम कराने के लिए उन्हें और उनके तीन साथी पटवारियों को दबाव बनाकर तहसील कार्यालय ले जाया गया।

यहां एसडीएम प्रगति गनवीर ने मोबाइल फोन लेकर उनकी निजी जानकारी देखी गई और नौकरी खत्म करने की धमकी दी गई। शिकायत में महिला पटवारी ने इस घटना को बंधक बनाने, मानसिक प्रताड़ना देने और निजता का हनन करने वाला बताया है। इधर शनिवार सुबह एसडीएम को कुंडम से हटाकर कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया। पटवारी संघ इस कार्रवाई को शुक्रवार की घटना से जोड़ रहे हैं तो वहीं प्रशासनिक अधिकारी इसे एक सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं।

महिला पटवारी के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी सरकारी वाहनों के साथ राजस्व अधिकारी-कर्मचारी आवास परिसर पहुंचे और फिर उन्हें और उनके साथी पटवारियों अंजली गौतम, धीरज साहू तथा देवांशु भदौरिया को बातचीत के बहाने नायब तहसीलदार के सरकारी आवास पर बुलाया गया। अनिच्छा जताने के बावजूद दबाव बनाकर तहसील कार्यालय ले जाया गया। वहां उनकी फोटो भी खींची गई।

थाने में दी गई शिकायत में बताया गया है कि एसडीएम ने तत्काल स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम शुरू करने के लिए कहा गया। इस दौरान एसडीएम ने उनका अनलाक मोबाइल करीब 15 मिनट तक अपने पास रखकर चलाया और व्हाट्सएप पर मौजूद फोटो तथा निजी जानकारी देखी।

साथियों ने मोबाइल वापस करने कहा, लेकिन नहीं दिया। इस दौरान महिला पटवारी अंजली गौतम की तबीयत बिगड़ने और घबराहट होने पर उन्हें कार्यालय से बाहर जाना पड़ा। बाद में मोबाइल लौटाए जाने के बाद सभी पटवारी बाहर आए और अंजली गौतम को उपचार के लिए कुंडम के शासकीय अस्पताल ले गए।

पटवारी संघ कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे ने बताया कि बड़ी संख्या में संघ के सदस्य कुंडम थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एसडीएम द्वारा महिला पटवारी के साथ ही गई घटना के खिलाफ शिकायत दी गई। हमने उन्हें जांच के लिए तीन दिन का समय दिया है।

यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे साथ ही इसकी शिकायत महिला आयोग में भी की जाएगी। इधर शनिवार को भी पटवारियों की हड़ताल जारी रही। संघ का कहना है कि जब तक प्रशासन सभी पटवारियों का निलंबन खत्म नहीं करते हड़ताल जारी रहेगी।महिला पटवारी के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी सरकारी वाहनों के साथ राजस्व अधिकारी-कर्मचारी आवास परिसर पहुंचे और फिर उन्हें और उनके साथी पटवारियों अंजली गौतम, धीरज साहू तथा देवांशु भदौरिया को बातचीत के बहाने नायब तहसीलदार के सरकारी आवास पर बुलाया गया। अनिच्छा जताने के बावजूद दबाव बनाकर तहसील कार्यालय ले जाया गया। वहां उनकी फोटो भी खींची गई।

थाने में दी गई शिकायत में बताया गया है कि एसडीएम ने तत्काल स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम शुरू करने के लिए कहा गया। इस दौरान एसडीएम ने उनका अनलाक मोबाइल करीब 15 मिनट तक अपने पास रखकर चलाया और व्हाट्सएप पर मौजूद फोटो तथा निजी जानकारी देखी।

साथियों ने मोबाइल वापस करने कहा, लेकिन नहीं दिया। इस दौरान महिला पटवारी अंजली गौतम की तबीयत बिगड़ने और घबराहट होने पर उन्हें कार्यालय से बाहर जाना पड़ा। बाद में मोबाइल लौटाए जाने के बाद सभी पटवारी बाहर आए और अंजली गौतम को उपचार के लिए कुंडम के शासकीय अस्पताल ले गए।

पटवारी संघ कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे ने बताया कि बड़ी संख्या में संघ के सदस्य कुंडम थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एसडीएम द्वारा महिला पटवारी के साथ ही गई घटना के खिलाफ शिकायत दी गई। हमने उन्हें जांच के लिए तीन दिन का समय दिया है।

यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे साथ ही इसकी शिकायत महिला आयोग में भी की जाएगी। इधर शनिवार को भी पटवारियों की हड़ताल जारी रही। संघ का कहना है कि जब तक प्रशासन सभी पटवारियों का निलंबन खत्म नहीं करते हड़ताल जारी रहेगी।
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